सरकार ने दिया भरोसा- देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता
नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स)। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार ने देशवासियों और उद्योग जगत को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति जारी रहने का भरोसा दिया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि, कुछ जगहों पर ग्राहकों के घबराहट में की जा रही खरीदारी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने देश के ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई स्तरों पर त्वरित उपाय किए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी इस समय दुनियाभर के अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसी क्रम में 28 मार्च को प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस, प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। प्रधानमंत्री ने उस क्षेत्र में ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा की। दोनों नेताओं ने स्वतंत्र आवागमन और शिपिंग मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने पर भी चर्चा की।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि पूरे देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि इसे सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने कई स्तरों पर कदम उठाए हैं और उठाती रहेगी। हमारी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का स्टॉक भी पर्याप्त है। इसके अलावा घरेलू बाजार में डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की उपलब्धता बनाए रखने के लिए एक निर्यात शुल्क भी लगाई गई है।
सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी आधारित परिवहन के लिए 100 फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही ग्रिड से जुड़ी इंडस्ट्रीज के लिए 80 फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। एलपीजी के संबंध में उन्होंने कहा कि किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक की कोई कमी नहीं है। शर्मा ने बताया कि लगभग 95 फीसदी बुकिंग ऑनलाइन की गईं। पिछले एक हफ्ते में लगभग 2,60,005 किलोग्राम एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर बेचे गए हैं। साथ ही लगभग 41,000 टन कमर्शियल एलपीजी भी उठाई गई है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके नियमित तिमाही आवंटन के अलावा अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर