पश्चिमी एशिया संकट: देश में ईंधन पर्याप्त, एलपीजी आपूर्ति सुचारु, 611 भारतीय नाविक सुरक्षित

 


नई दिल्ली, 17 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत ने आज कहा कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, सभी पेट्रोलियम रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और समुद्र में भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय ने ईरान से जुड़े दावों को खारिज करते हुए दोहराया कि भारत संवाद और कूटनीतिक चैनल के जरिए संघर्ष समाप्त करने का पक्षधर है।

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में ऊर्जा, विदेश और शिपिंग से जुड़े हालात को लेकर नियमित रूप से आयोजित किये जा रहे राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में रोजाना अंतर्मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल की उपलब्धता पर्याप्त है और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिजिटल एलपीजी बुकिंग 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली लागू की गई है ताकि सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकी जा सके। अब तक 12,000 छापेमारी में 15,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी की औसत आपूर्ति अवधि करीब ढाई दिन बनी हुई है और मांग प्रबंधन के लिए एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उस सभी मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें यह कहा जा रहा था कि भारतीय तटरक्षक बल द्वारा 4 फरवरी को तेल तस्करी के आरोप में जब्त किए गए तीन ऑयल टैंकरों को ईरान होर्मुज की खाड़ी से तेल निकलने देने के बदले वापस मांग रहा है। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट्स 'बेबुनियाद' हैं। तीनों टैंकर हमारी कस्टडी में हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का रुख हमेशा से रहा है कि संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए। कई ब्रिक्स सदस्य देश इस संघर्ष में शामिल हैं और भारत लगातार सभी पक्षों से संवाद बनाए हुए है। जायसवाल ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि जितनी जल्दी सुधार होगा, उतना ही विश्व और संगठन के लिए बेहतर होगा।

बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि 22 भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर 611 भारतीय नाविक हैं और सभी सुरक्षित हैं। जहाजरानी महानिदेशक और अन्य एजेंसियों के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। अब तक 161 नाविकों को खाड़ी क्षेत्र से भारत वापस लाया गया है। मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष ने 3,000 से अधिक कॉल और 6,000 ईमेल का जवाब दिया है। पिछले 24 घंटों में ही 150 कॉल और 400 ईमेल का निपटारा किया गया। एलपीजी कैरियर नंदा देवी आज सुबह कांडला पहुंचा और जहाज से जहाज डिस्चार्ज की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर