(लीड) बंगाल के तारातला गोदाम हादसा में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 11, मृतकों के परिजनों को 10 लाख आर्थिक सहायता की घोषणा
कोलकाता, 25 जून (हि.स.)। कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका राज्य संचालित अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में मृतकों के प्रत्येक परिजन को 10 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
अधिकारियों के अनुसार, 10 लोगों की मौत घटनास्थल पर या हादसे के कुछ समय बाद हो गई थी। गुरुवार को उपचार के दौरान एक अन्य घायल ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद मृतकों की संख्या 11 हो गई। मृतकों में उत्तर 24 परगना के कृष्ण चौधरी, नदिया के रोहित चौधरी, पूर्व बर्दवान के राहुल चौधरी, कृष्णनगर के चंद्रमा चौधरी, श्यामनगर के पप्पू रजक, कोलकाता के खिदिरपुर निवासी अजगर हुसैन, बासंती के साहिल सरदार, बिहार के मुंगेर निवासी घी कुमार, मेटियाब्रुज के हसन इमाम, आसनसोल के नवीन सिंह और उपचार के दौरान जान गंवाने वाले गणेश कालिंदी शामिल हैं।
तारातला के बेस ब्रिज के निकट ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर स्थित निर्माणाधीन गोदाम की छत बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ढह गई थी। उस समय वहां कई श्रमिक काम कर रहे थे। गुरुवार सुबह मलबे से 5 और लोगों को निकाला गया, जिसके बाद ढही हुई संरचना के नीचे से बाहर निकाले गए लोगों की कुल संख्या 30 हो गई है।
बचाव अभियान रातभर जारी रहा और गुरुवार को भी जारी रहा। हालांकि, तेज बारिश के कारण करीब एक घंटे तक राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित रहा। घटनास्थल पर पुलिस, अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना के जवान तैनात रहे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ढहे हुए गोदाम के भवन मानचित्र पर मंत्री और पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने कहा कि मामले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। इस संबंध में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कोलकाता नगर निगम के अभियंताओं से मिली प्रारंभिक जानकारी में गोदाम के स्वीकृत भवन मानचित्र में खामियों की आशंका सामने आई है। इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत सभी निर्माणाधीन व्यावसायिक परियोजनाओं का काम 31 जुलाई तक स्थगित करने और उनकी व्यापक जांच कराने का निर्देश दिया है।
यह गोदाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के पट्टे वाली भूमि पर बनाया जा रहा था। प्रशासन मृतकों और घायलों की पूरी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि करने में जुटा है, जबकि जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन ने हादसे में कोई भूमिका निभाई या नहीं।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर