उत्तर बंगाल की चाय बागानों के लिए केंद्र सरकार जल्द लाएगी व्यापक पैकेज: जितिन प्रसाद
कोलकाता, 05 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही उत्तर बंगाल के चाय बागानों के लिए एक “व्यापक पैकेज” लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने यह बात जालपाईगुड़ी जिले के चाय बागानों का दौरा करने के बाद कही।
जितिन प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार चाय उद्योग से जुड़ी मौजूदा समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनका उत्तर बंगाल दौरा इसी उद्देश्य से है, ताकि चाय उद्योग की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सके।
उन्होंने कहा कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन चाय बोर्ड कार्य करता है और मंत्रालय इस बात पर भी विचार कर रहा है कि भारतीय चाय के निर्यात को कैसे बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि देश में चाय की मांग काफी मजबूत है और गुणवत्ता में सुधार के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
राज्य मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम के पैटर्न और नए चाय बागानों में जलभराव जैसी समस्याओं के कारण उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा श्रमिकों से जुड़े मुद्दे भी उद्योग के सामने महत्वपूर्ण चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार चाय उद्योग के लिए एक व्यापक पैकेज तैयार कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार इस दिशा में सहयोग करती है, तो यह पहल और अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। केंद्र को उम्मीद है कि राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे उद्योग को नई ऊर्जा मिल सकेगी।
दरअसल, उत्तर बंगाल का चाय उद्योग क्षेत्र की सबसे प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में से एक है और यह हजारों लोगों के रोजगार का प्रमुख स्रोत है। हालांकि हाल के वर्षों में मौसम में बदलाव और अन्य कारणों से कई पुराने और बड़े चाय बागानों की स्थिति कमजोर हुई है। इसी वजह से चाय बागान मालिकों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी ताकि इस उद्योग को पुनर्जीवित किया जा सके।
इससे पहले जितिन प्रसाद ने आज जालपाईगुड़ी जिले के डेंगुआझार चाय बागान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चाय बोर्ड के अधिकारियों के साथ चाय प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण किया और वहां तैयार होने वाली विभिन्न चाय की किस्मों तथा उनकी गुणवत्ता मानकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें, तो जितिन प्रसाद ने वर्ष 2001 में भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 2004 में वे उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और 2008 में इस्पात मंत्रालय में राज्य मंत्री बने। वर्ष 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने उन्हें राज्य प्रभारी बनाया था। बाद में नौ जून 2021 को उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में वे उत्तर प्रदेश के पीलीभीत क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए और अब वे केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। --------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर