भारत-बांग्लादेश व्यापार को बढ़ावा देने की पहल, उच्चायुक्त ने अधिकारियों के साथ की बैठक

 


काेलकाता, 02 मई (हि. स.)। भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से सहायक उच्चायुक्त मनोज कुमार ने शनिवार को चेंगराबांधा लैंडपोर्ट का दौरा किया।

दौरे के दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी), कस्टम्स और इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यापार की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की।

इस दौरान दोनों देशों के व्यापारियों ने कई अहम मुद्दे उठाए।

बता दें कि, पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जनपद स्थित चांगराबन्धा लैंड पोर्ट, बांग्लादेश की सीमा से लगा एक महत्वपूर्ण व्यापारिक चौकी है और भूटान के लिए एक प्रमुख पारगमन मार्ग के रूप में कार्य करता है। यह भारत-बांग्लादेश और भूटान-बांग्लादेश व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है, जहां से अक्सर बड़ी मात्रा में पत्थर, कोयला और लकड़ी का आवागमन होता है।

इस संबंध में व्यापारियों का कहना है कि कुछ उत्पादों का आयात-निर्यात लंबे समय से बंद है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा सड़क ढांचे में सुधार, बैंकिंग लेन-देन में आ रही दिक्कतें और बंद पड़ी रेल सेवा को दोबारा शुरू करने की मांग भी की गई। सभी समस्याओं को सुनने के बाद सहायक उच्चायुक्त मनोज कुमार ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत और मित्रतापूर्ण संबंध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापार से जुड़ी समस्याओं को बातचीत के जरिए जल्द सुलझाने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने व्यापारियों को अपनी मांगें औपचारिक रूप से ईमेल के जरिए भेजने को भी कहा, ताकि सरकार स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके। इस पहल से सीमा व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार