हरिद्वार से कोलकाता तक गंगा में राफ्ट अभियान, प्रदूषण-मुक्त अमृतधारा का दे रहे संदेश
कोलकाता, 17 सितंबर (हि.स.)। गंगा नदी को प्रदूषण-मुक्त बनाने के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से द इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सप्लोरेशन की ओर से “वॉयेज ऑफ द नेक्टर स्ट्रीम” नामक विशेष नदी राफ्ट अभियान आयोजित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य संदेश “पवित्र गंगा की प्रदूषण-मुक्त अमृतधारा को पुनर्स्थापित करें” रखा गया है।
संस्थान के अनुसार, अभियान गंगा नदी के रास्ते उत्तराखंड के हरिद्वार से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक चलेगा। अभियान की शुरुआत 4 सितंबर को हुई थी और यह 6 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
इस साहसिक अभियान की विशेषता यह है कि इसमें बस और ट्रक के पहियों से प्राप्त हवा भरी रबर ट्यूबों तथा बांस से तैयार किए गए राफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। संस्थान का दावा है कि इस तरह के साधारण राफ्ट से गंगा में इतनी लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा करने वाला यह भारत का पहला और एकमात्र दल है।
संस्थान ने बताया कि अभियान को पूरा करने में काफी खर्च आएगा। इसके लिए सदस्यों, शुभचिंतकों और अन्य लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की गई है।
संस्थान के मानद महासचिव एम. नबी तरफदार और मानद कोषाध्यक्ष अर्धेंदु शेखर नस्कर ने लोगों से अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाओं के साथ यथासंभव सहयोग करने की अपील की है। उनका कहना है कि अभियान के माध्यम से गंगा की स्वच्छता के प्रति व्यापक जन-जागरूकता पैदा करने के साथ भारत में साहसिक अभियानों के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप