जॉय कामदार पर 1100 करोड़ के अवैध लेनदेन का आरोप, ईडी ने कोर्ट में पेश किया साक्ष्य

 


कोलकाता, 20 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में बेहाला के कारोबारी जॉय एस. कामदार को अवैध धन लेनदेन मामले में गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को बैंकशाल अदालत में दावा किया कि उनके खिलाफ लगभग 1100 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन के प्रमाण मिले हैं। एजेंसी ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की मांग की है।

जांच एजेंसी के अनुसार, जॉय एस कामदार की कंपनी ‘सन एंटरप्राइज’ के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच में कई कथित फर्जी कंपनियों के जरिए धन के आवागमन के संकेत मिले हैं।

एजेंसी ने अदालत को बताया कि कोलकाता गुजराती एजुकेशन सोसाइटी के बैंक खाते से जॉय से जुड़ी एक कथित फर्जी कंपनी में 40 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए। इसके अलावा, जॉय के विभिन्न बैंक खातों की जांच में हाल के समय में 1100 करोड़ के लेनदेन का पता चला है। इनमें से पिछले चार महीनों में 500 करोड़ नकद जमा होने का भी दावा किया गया है।

ईडी का कहना है कि जॉय से जुड़े लगभग 25 संदिग्ध कंपनियों का पता चला है, जिनका उपयोग वित्तीय लेनदेन के लिए किया जाता था। जांच में दक्षिण कोलकाता के चर्चित अपराधी सोना पप्पू से भी कथित संबंध सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार, जॉय की कंपनी से सोना पप्पू की पत्नी के नाम पर एक आग्नेयास्त्र और गोलियां खरीदी गई थीं।

इसके अलावा, ‘सुप्रीम क्रेडिट कॉरपोरेशन लिमिटेड’ नामक कंपनी, जिसमें जॉय निदेशकों में शामिल बताए गए हैं तथा सोना पप्पू से जुड़ी ‘एसपी कंस्ट्रक्शन’ नामक कंपनी के बीच लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के लेनदेन के दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है।

जांचकर्ताओं ने यह भी कहा कि सोना पप्पू की पत्नी के नाम से जुड़ी ‘हेवन वैली’ नामक कंपनी और जॉय से संबंधित संस्थाओं के बीच भी आर्थिक लेनदेन हुआ। हालांकि, सोना पप्पू की पत्नी सोमा पोद्दार ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

अदालत में एजेंसी के अधिवक्ता ने कहा कि जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं और आरोपित के अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधों की भी जांच की जानी है। ---------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर