चुनाव आयाेग की चेतावनी के बाद तृणमूल विधायक पर एफआईआर दर्ज

 


कोलकाता, 24 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े दावे-आपत्तियों की सुनवाई के दौरान हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की सख्त चेतावनी के बाद आखिरकार फरक्का विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस विधायक मनीरुल इस्लाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। जिला मजिस्ट्रेट, जो जिला निर्वाचन अधिकारी भी हैं, ने शनिवार दोपहर यह एफआईआर दर्ज कराई।

हालांकि, यह कार्रवाई चुनाव आयोग द्वारा तय की गई समय-सीमा से करीब 48 घंटे की देरी से हुई। आयोग ने मुर्शिदाबाद के जिला निर्वाचन अधिकारी को गुरुवार शाम पांच बजे तक मनीरुल इस्लाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आयोग को सूचित करने का निर्देश दिया था। समय पर कार्रवाई नहीं होने पर आयोग ने नाराजगी जताई, जिसके बाद शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनीरुल इस्लाम ने कहा कि यदि आम लोगों की आवाज उठाने के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा तो वे इसका स्वागत करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग एक जैसे हो गए हैं और आयोग केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी का विस्तार बनकर काम कर रहा है।

वहीं, भाजपा ने देर से हुई कार्रवाई का स्वागत किया है। भाजपा के मुर्शिदाबाद संगठनात्मक जिला अध्यक्ष सुभल चंद्र घोष ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा एक स्वायत्त संस्था के काम में बाधा डालना, सरकारी परिसर में घुसकर तोड़फोड़ करना और चुनाव अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।

गौरतलब है कि, 14 जनवरी को फरक्का में सुनवाई केंद्र पर तोड़फोड़ की घटना के बाद आयोग के अधिकारियों ने राज्य के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार से संपर्क कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके तहत फरक्का थाना में एक एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन आरोप है कि उसमें मुख्य आरोपिताें के साथ तृणमूल विधायक मनीरुल इस्लाम का नाम दर्ज नहीं किया गया था।

बाद में यह मामला फिर से चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को विधायक मनीरुल इस्लाम के खिलाफ अलग से एफआईआर दर्ज करने का स्पष्ट निर्देश दिया।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर