बंगाल में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया तेज, यूपीएससी ने मांगे अधिकारियों के नाम
कोलकाता, 26 फरवरी (हि.स.)। राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में पुलिस महकमे के शीर्ष पद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने पश्चिम बंगाल सरकार से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम मांगे हैं, जिनमें से एक को राज्य का नया स्थायी डीजीपी नियुक्त किया जाएगा।
वर्तमान में 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष पांडे कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राज्य के अंतिम स्थायी डीजीपी मनोज मालवीय थे, जो वर्ष 2023 में सेवानिवृत्त हुए थे। उसके बाद से यह पद स्थायी रूप से खाली है।
सूत्रों के अनुसार, यूपीएससी से पत्र मिलने के बाद राज्य सचिवालय नवान्न में संबंधित विभाग ने संभावित नामों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वरिष्ठता के आधार पर 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुज शर्मा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। फिलहाल, वह पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के महानिदेशक हैं।
वहीं, संभावित सूची में कार्यवाहक डीजीपी पीयूष पांडे के अलावा होम गार्ड के महानिदेशक नटराजन रमेश बाबू, राज्य सुधार सेवा के महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता तथा सिविल डिफेंस के महानिदेशक संजय सिंह का भी नाम शामिल हो सकता हैं।
गौरतलब है कि, 31 जनवरी को तत्कालीन कार्यवाहक डीजीपी राजीव कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद राज्य सरकार ने पीयूष पांडे को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया था। उस समय केंद्र सरकार ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने तय समयसीमा के भीतर यूपीएससी को नामों की सूची नहीं भेजी, जिसके कारण स्थायी नियुक्ति को मंजूरी नहीं मिल सकी।
डीजीपी की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से केंद्र और राज्य के बीच गतिरोध बना हुआ था। अब माना जा रहा है कि उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में समाधान की राह खुल सकती है। चुनावी माहौल में पुलिस प्रमुख की स्थायी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर