दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के बीच पश्चिम बंगाल से वापस बुलाई गई केंद्रीय बल की 20 अतिरिक्त कंपनियां
कोलकाता, 24 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली में सीजेपी और विभिन्न दलों के विरोध-प्रदर्शनों और संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 अतिरिक्त कंपनियों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली ले जाया गया है। इसके साथ ही बख्तरबंद वाहनों को भी सड़क मार्ग से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने 21 जुलाई की रात इन कंपनियों की तैनाती का आदेश जारी किया, जिसके बाद गुरुवार रात को कोलकाता से सीआरपीएफ के जवानों को विशेष व्यवस्था के तहत दिल्ली रवाना किया गया। इन कंपनियों को राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तैनात किया जाएगा।
दिल्ली में हाल के दिनों में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक झड़पों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों और संसद के मानसून सत्र को देखते हुए अतिरिक्त केंद्रीय बलों की आवश्यकता महसूस की गई। इसी के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में पहले से तैनात सीआरपीएफ की 20 कंपनियों को तत्काल दिल्ली भेजने का फैसला लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि ये कंपनियां पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान तैनात की गई थीं और चुनाव के बाद भी राज्य सरकार के अनुरोध पर वहीं बनी हुई थीं। सीआरपीएफ की एक कंपनी में औसतन करीब 100 जवान होते हैं, ऐसे में लगभग दो हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती दिल्ली में की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इन 20 कंपनियों के अलावा करीब 30 कंपनियां सीआरपीएफ और उसकी विशेष दंगा-रोधी इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) पहले से ही दिल्ली पुलिस के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं। नई कंपनियों के पहुंचने के बाद राजधानी में केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी और मजबूत हो जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अतिरिक्त सीआरपीएफ कंपनियों की तैनाती से दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण और किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा