जूनपुट में डीआरडीओ का बड़ा रक्षा शोध प्रोजेक्ट, बंगाल में सरकारी निवेश को मिलेगा बढ़ावा : शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता, 11 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में बड़े सरकारी निवेश की तैयारी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी के पास जूनपुट में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जूनपुट में डीआरडीओ की ओर से एक बड़ी परियोजना स्थापित की जाएगी। परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मेदिनीपुर के तटीय क्षेत्र जूनपुट में डीआरडीओ की ओर से बड़ा प्रोजेक्ट किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि यह परियोजना राज्य में रक्षा अनुसंधान और संबंधित गतिविधियों को नई दिशा दे सकती है।
जूनपुट में डीआरडीओ की प्रस्तावित परियोजना को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में यहां प्रस्तावित मिसाइल प्रक्षेपण केंद्र के लिए ‘फ्लाइट ट्रायल’ से जुड़े बुनियादी ढांचे के निर्माण का स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ था। तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन और स्थानीय मछुआरों के विरोध के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था।
अब जूनपुट में डीआरडीओ की बड़ी परियोजना स्थापित किए जाने की घोषणा की गई है। इससे क्षेत्र में रक्षा अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों और सरकारी निवेश के बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश और रोजगार को लेकर भी कई घोषणाएं कीं। साल्टलेक सिटी सेंटर में एक प्रमुख कपड़ा बिक्री समूह के कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि कंपनी के फिलहाल पश्चिम बंगाल में 110 आउटलेट हैं। अगले 18 महीनों में कंपनी 140 नए आउटलेट खोलने की योजना बना रही है। इस विस्तार पर करीब 1,900 करोड़ के निवेश का अनुमान है। नए आउटलेट खुलने के बाद राज्य में कंपनी की कुल दुकानों की संख्या 250 हो जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे करीब 7,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके साथ ही एमएसएमई क्षेत्र में भी कारोबार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि उद्योगपति गौतम अडानी आगामी 24 सितंबर को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा से पहले 33 कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि संबंधित कपड़ा बिक्री समूह पुरुलिया में करीब 1,000 एकड़ जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना चाहता है। कंपनी अब तक 100 एकड़ जमीन सीधे खरीद चुकी है। प्रस्तावित परियोजना से पश्चिम बंगाल के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योग, रोजगार और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दे रही है। रक्षा अनुसंधान, खुदरा कारोबार, ऊर्जा और एमएसएमई समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
उन्होंने नई दिल्ली में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया और बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में प्रस्तावित निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं को व्यापक आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर