तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह के बीच भाजपा ‘झूठे मित्रों’ से सतर्क रहें : स्वपन दासगुप्ता
कोलकाता, 04 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी आंतरिक कलह और कथित टूट के बीच वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और केबिनेट मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को उन लोगों से सावधान रहना चाहिए जो अपने पुराने कृत्यों से बचने के लिए पार्टी में शरण लेने की कोशिश कर सकते हैं।
राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि टीएमसी में चल रही स्थिति को “टूट” के रूप में देखा जाना चाहिए और भाजपा कार्यकर्ताओं को इसे लेकर अत्यधिक उत्साहित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को किसी भी प्रकार के “अच्छे या बुरे टीएमसी” के बीच अंतर नहीं करना चाहिए।
दासगुप्ता ने कहा, “जो भी घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, वे टीएमसी के भीतर विभाजन को दर्शाते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं को इस पर अनावश्यक उत्साह नहीं दिखाना चाहिए। हमें स्पष्ट रूप से सतर्क रहना होगा।”
उन्होंने आगे दावा किया कि हालिया चुनावी परिणामों के बाद जनता का जनादेश भाजपा के पक्ष में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि “मतगणना के बाद यह साफ हो गया कि जनता क्या चाहती है।”
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी से जुड़े कई नेता और कार्यकर्ता अब पार्टी में आना चाह रहे हैं, जिसे उन्होंने संदिग्ध बताया। दासगुप्ता ने कहा कि ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने टीएमसी पर कट-मनी और सिंडिकेट राजनीति के आरोप भी लगाए और कहा कि यह पार्टी अब एक राजनीतिक संगठन से अधिक “अपराध तंत्र” की तरह काम कर रही है।
इससे पहले दिन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दासगुप्ता ने कहा था कि उन्हें टीएमसी के आंतरिक संकट से कोई सहानुभूति नहीं है, लेकिन भाजपा को “झूठे मित्रों” से सावधान रहना चाहिए, जो अपने अतीत को छिपाने के लिए पार्टी में प्रवेश करना चाहते हैं।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर