ममता का पीएम पर निशाना - आप मांस मछली नहीं खाने देते, हम गो मांस ओमान निर्यात करते हैं
कोलकाता, 09 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आरोप पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने राज्य में मछली उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल नहीं करने की बात कही थी। उन्हाेंने प्रधानमंत्री पर तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश में लोगों को मछली, अंडा और मांस खाने नहीं दिया जाता और ऐसी दुकानों को बंद कराया जाता है।
उत्तर 24 परगना जिले के अगरपाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में लोगों को मांसाहारी भोजन करने की स्वतंत्रता नहीं दी जाती।
उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि आज प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में मछली उत्पादन नहीं होता और बिहार ज्यादा उत्पादन कर निर्यात कर रहा है। लेकिन बिहार में लोगों को मछली खाने की अनुमति नहीं है। यहां हम बाजार से मछली खरीदकर खाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पश्चिम बंगाल में आंध्र प्रदेश से मछली आयात होती थी, लेकिन अब यह बंद हो चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इन बदलावों की जानकारी रखने का आग्रह भी किया। आरोप लगाया कि आप वही कह रहे हैं जो आपकी पार्टी के लोग आपको बता रहे हैं। राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश में लोगों को मछली, अंडा और मांस खाने नहीं दिया जाता और ऐसी दुकानों को बंद कराया जाता है।
इससे पहले हल्दिया में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया था कि राज्य में मांग के अनुरूप मछली उत्पादन बढ़ाने में तृणमूल कांग्रेस सरकार विफल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम बंगाल अन्य राज्यों से मछली आयात करता है और पिछले 15 वर्षों में राज्य सरकार ने मछली उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो मत्स्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की जाएगी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि आप (केंद्र) यहां से मांस का निर्यात करते हैं। हम यहां से ओमान को गोमांस निर्यात करते हैं। हमारे तालाबों में मछली का उत्पादन होता है और हर बाजार में मछली उपलब्ध है। यहां लोगों को अपनी पसंद का भोजन करने की पूरी स्वतंत्रता है और हम उसमें हस्तक्षेप नहीं करते।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मतादाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)
प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवा दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी इसके बावजूद आगामी विधानसभा चुनाव जीतेगी।
मिनाखां में एक अन्य सभा में उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस मामले को अदालत में ले जाएगी ताकि हटाए गए मतदाताओं के नाम फिर से सूची में शामिल कराए जा सकें।
उन्होंने चुनाव को “जनता के अस्तित्व और बंगाल की पहचान की लड़ाई” बताते हुए मतदाताओं से सतर्क रहने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषा बोलने वालों को परेशान किया जाता है और बंगाली भाषा को विदेशी बताकर बोलने वालों को घुसपैठिया कहा जाता है।
वहीं, पलता में एक अन्य रैली में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को 500 रुपये दे रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगस्त 2026 से भाजपा का पतन शुरू हो जाएगा, हालांकि उन्होंने इसका विस्तृत कारण नहीं बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन विधेयक के जरिए बंगाल को तीन हिस्सों में बांटने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री का नाम लिए बिना उन्होंने जांच एजेंसियों के जरिए लोगों को डराने का भी आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने दोहराया कि उनकी पार्टी मतदाताओं के अधिकारों और राज्य की चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता की रक्षा के लिए राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रखेगी।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर