कोलकाता में बोले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा - असम में आत्मसमर्पण करें पवन खेड़ा
कोलकाता, 17 अप्रैल (हि.स.)। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को उच्चतम न्यायालय से तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा को कानून के सामने आत्मसमर्पण कर देना चाहिए और गुवाहाटी जाकर विधिक प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। सरमा ने यह बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कोलकाता में दिया।
दरअसल, पवन खेड़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार तक उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। साथ ही स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई करते समय उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों से प्रभावित न हो। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पवन खेड़ा असम की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करते हैं, तो वर्तमान आदेश का उस पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह मामला असम पुलिस में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें पवन खेड़ा पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा के संबंध में कई पासपोर्ट रखने और विदेशी संपत्ति छिपाने जैसे आरोप सार्वजनिक रूप से लगाने का मामला दर्ज है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर