महिलाओं के आरक्षण का विरोध कर तृणमूल ने किया विश्वासघात : नितिन नवीन
कोलकाता, 20 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने विधानसभाओं और संसद में महिलाओं को आरक्षण देने के केंद्र सरकार के प्रयास का विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि यदि मामला अल्पसंख्यक आरक्षण का होता तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उसके समर्थन में मीलों चलतीं।
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के महिषादल में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि राज्य की महिलाओं के लिए अब उस सरकार को सबक सिखाने का समय आ गया है, जो घुसपैठियों की रक्षा करती है, लेकिन अपनी बेटियों को सुरक्षित नहीं रख पाती।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को शासन व्यवस्था में उचित भागीदारी देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया, ताकि उन्हें 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके, जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इसका विरोध किया।
नितिन नवीन ने कहा कि यह विडंबना है कि जिस राज्य में महिला मुख्यमंत्री हैं, वहीं बेटियों का अपमान हो रहा है। उन्होंने संदेशखाली और जयनगर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि “मां, माटी, मानुष” सरकार में महिलाएं सबसे अधिक उत्पीड़ित और परेशान रही हैं। यदि कोई महिला मुख्यमंत्री राज्य की महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो उसे पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
तृणमूल कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की जनता की जमीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को सौंपी जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में भाजपा की दोहरे इंजन वाली सरकार बनने पर अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा। साथ ही आगामी 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान में जनता तथाकथित सनातन विरोधी ताकतों को करारा जवाब देगी।
नितिन नवीन ने भर्ती प्रक्रिया में कथित सिंडिकेट संस्कृति समाप्त करने और योग्यता के आधार पर रोजगार देने का भी वादा किया। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल में परिवर्तन की हवा चल रही है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित बंगाल का मार्ग प्रशस्त होगा।----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर