पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतगणना केंद्र घटाकर 87 किए गए
कोलकाता, 17 अप्रैल (हि. स.)। भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में इस महीने होने वाले दो चरणों के विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना केंद्रों की संख्या घटाकर 87 कर दी है।
वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में मतगणना केंद्रों की संख्या 90 थी, जिसे वर्ष 2021 में बढ़ाकर 108 किया गया था। इस बार आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इनकी संख्या घटाकर 87 कर दी गई है।
इन 87 मतगणना केंद्रों में सबसे अधिक 12 केंद्र दक्षिण 24 परगना में बनाए गए हैं। इसके बाद उत्तर 24 परगना में आठ और हुगली में छह केंद्र होंगे। सबसे कम एक-एक केंद्र कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम में बनाए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को कराई जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।
इसी बीच आयोग ने शुक्रवार को बताया कि मंगलवार रात नौ बजे तक कुल 18,38,572 संपत्ति विरूपण के मामलों को हटाया जा चुका है। इनमें 15,80,892 मामले सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े थे, जबकि शेष 2,25,170 मामले निजी संपत्तियों से संबंधित थे।
आयोग ने कहा कि अवैध राजनीतिक विज्ञापनों को हटाने के लिए व्यापक अभियान जारी है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सभी जिलों में सार्वजनिक और निजी संपत्तियों से विरूपण हटाया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र की सभी सार्वजनिक संपत्तियों से विरूपण हटाए जाने का प्रमाण भी दिया है।
आयोग की एक अन्य विज्ञप्ति के अनुसार अब तक चलाए गए अभियान में पश्चिम बंगाल से 427 करोड़ रुपये जब्त की गई है। इसमें 21 करोड़ नकद, 81 करोड़ की मदिरा, 100 करोड़ के मादक पदार्थ, 54 करोड़ की बहुमूल्य धातु तथा 172 करोड़ की उपहार सामग्री और अन्य वस्तुएं शामिल हैं।
आयोग ने बताया कि यह जब्ती 2728 उड़नदस्ता दलों और 3142 स्थिर निगरानी दलों की कार्रवाई से संभव हुई है, जिन्हें राज्यभर में तैनात किया गया है।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि जांच और निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा या उत्पीड़न न हो। इस संबंध में शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला शिकायत समितियों का गठन किया गया है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर