बिना चर्चा के 44 विभागों का बजट गिलोटिन प्रक्रिया से विधानसभा में पारित

 


- वित्त, कृषि, लोक निर्माण, वन, खाद्य, पिछड़ा कल्याण समेत कई अहम विभागों के अनुदान मांगों पर नहीं हुई चर्चा

कोलकाता, 24 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने शुक्रवार को गिलोटिन प्रक्रिया के तहत बिना किसी विस्तृत चर्चा के राज्य सरकार के 44 विभागों की बजट अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इनमें वित्त, कृषि, कृषि विपणन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उपभोक्ता मामले, पर्यावरण, वन, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी), सिंचाई एवं जलपथ, जेल, आवास तथा सूचना एवं संस्कृति जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं।

इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग तथा वस्त्र, मदरसा शिक्षा एवं पुस्तकालय सेवा, खाद्य प्रसंस्करण एवं बागवानी, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विधि, श्रम, अल्पसंख्यक कल्याण, संसदीय कार्य, सुंदरबन विकास, जल संसाधन जांच एवं विकास, पश्चिमांचल उन्नयन, आदिवासी विकास, भूमि एवं भूमि सुधार, महिला एवं शिशु विकास तथा आपदा प्रबंधन एवं सिविल डिफेंस विभागों की बजट अनुदान मांगें भी बिना चर्चा के गिलोटिन प्रक्रिया के माध्यम से पारित कर दी गईं।

चालू बजट सत्र के दूसरे चरण में 20 जुलाई से 24 जुलाई तक विधानसभा में केवल 13 विभागों के बजट पर ही विस्तृत चर्चा कराई गई। इनमें गृह विभाग का बजट भी शामिल था। नई भाजपा सरकार ने लगभग 14 वर्षों के बाद गृह विभाग के बजट पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई, जिसे सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

हालांकि शेष 44 विभागों के बजट पर चर्चा नहीं कराई गई और निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद गिलोटिन प्रक्रिया अपनाते हुए उनकी अनुदान मांगों को एक साथ ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी गृह विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के बजट पर विस्तृत चर्चा नहीं होती थी और उन्हें गिलोटिन प्रक्रिया के माध्यम से ही विधानसभा से पारित कराया जाता था।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर