उपराष्ट्रपति ने गौहाटी विश्वविद्यालय में 110 करोड़ की विकास परियोजना की रखी आधारशिला
-गौहाटी विश्वविद्यालय के विकास के लिए 250 करोड़ का अनुदान
गुवाहाटी, 07 सितंबर (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की मौजूदगी में गौहाटी विश्वविद्यालय में 110 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा विकास परियोजना के पहले चरण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और विशिष्ट नागरिकों के साथ संवाद किया। उन्होंने गौहाटी विश्वविद्यालय प्रेस द्वारा प्रकाशित ‘चंद्रकांत डिक्शनरी’ के पांचवें संशोधित एवं विस्तारित संस्करण का विमोचन किया। इसके अलावा भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के अवसर पर प्रकाशित पुस्तक ‘भूपेन हजारिका-हंड्रेड इयर्स ऑफ ए वांडरिंग सॉन्ग’ का भी लोकार्पण किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय का वास्तविक मूल्यांकन केवल उसके बुनियादी ढांचे से नहीं, बल्कि उसके द्वारा निर्मित बौद्धिक संपदा और विद्यार्थियों में विकसित किए जाने वाले मूल्यों से होता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने गौहाटी विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 250 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की है। इसके तहत पहले चरण में 110 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें शैक्षणिक भवन, छात्रावास और आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से शेष 140 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें चालू वित्त वर्ष में ही मंजूरी दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।
डॉ. सरमा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे हासिल करने के लिए ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करनी होगी, जो अपनी जड़ों और मूल्यों से जुड़ी होने के साथ आधुनिक तकनीक में भी दक्ष हो। उन्होंने कहा कि असम देश की सबसे युवा आबादी वाले राज्यों में से एक है और यहां के युवाओं में वैश्विक स्तर पर मानव संसाधन बनने की अपार क्षमता है। उन्होंने गौहाटी विश्वविद्यालय में जापानी, अंग्रेजी और जर्मन जैसी विदेशी भाषाओं के अध्ययन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
डॉ. सरमा ने कहा कि जागीरोड में आगामी सेमीकंडक्टर उद्योग को सफल बनाने के लिए राज्य में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स का मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा माइनिंग, सेमीकंडक्टर और उन्नत तकनीक के क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
युवाओं से सकारात्मक और रचनात्मक सोच अपनाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विनाश करना आसान है, जबकि निर्माण के लिए निरंतर प्रयास और समर्पण की आवश्यकता होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि गौहाटी विश्वविद्यालय ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करेगा, जो वर्ष 2047 तक असम को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देगी।
समारोह में शिक्षा मंत्री डॉ. रणोज पेगू, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री नीलिमा देवी, मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा, गौहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नानी गोपाल महंत, रजिस्ट्रार प्रो. उत्पल सरमा, विधायक, प्रोफेसर, छात्र और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश