रेयर अर्थ और डिजिटल पेमेंट पर भारत-वियतनाम का फोकस, 13 अहम समझौते

 

नई दिल्ली, 06 मई (हि.स.)। भारत और वियतनाम के बीच राष्ट्रपति तो लम की भारत यात्रा के दौरान बुधवार को रणनीतिक क्षेत्रों खासतौर पर रेयर अर्थ और डिजिटल पेमेंट में सहयोग को नई दिशा देते हुए 13 महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्य समझौते के तहत आईआरईएल (भारत) लि. और वियतनाम के वियतनाम का रेडियोधर्मी और दुर्लभ तत्वों की प्रौद्योगिकी संस्थान (आईटीआरआरई) के बीच करार हुआ। यह समझौता दुर्लभ मृदा (रेयर अर्थ) तत्वों और अन्य आधुनिक तकनीकों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के लिए, दोनों पक्षों की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को औपचारिक रूप प्रदान करता है।

डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और स्टेट बैंक ऑफ़ वियतनाम (एसबीवी) के बीच भुगतान प्रणालियों और डिजिटल भुगतानों में नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य वित्तीय नवाचार और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक ढांचा स्थापित करना है।

साथ ही एनपीसीआई इंटरनेशनल और वियतनाम की एनएपीएएस के बीच क्रॉस-बॉर्डर क्यूआर कोड पेमेंट इंटरऑपरेबिलिटी पर सहमति बनी है।

भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्रालय के औषधि प्रशासन (डीएवी) के बीच चिकित्सा उत्पादों के विनियमन के क्षेत्र में सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन हुआ। इसका उद्देश्य चिकित्सा उत्पादों के विनियमन के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक ढांचा स्थापित करना है, जिसमें फार्मास्यूटिकल्स, जैविक उत्पाद, चिकित्सा उपकरण और सौंदर्य प्रसाधन शामिल हैं।

डिजिटल टेक्नोलॉजी और आईटी क्षेत्र में भी दोनों देशों ने साझेदारी मजबूत करने का फैसला किया है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा वियतनाम के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता हुआ। यह एमओयू डिजिटल तकनीकों और आईटी क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए द्विपक्षीय प्रतिबद्धता को और गहरा करेगा।

इसके अलावा ऑडिट संस्थानों के बीच सहयोग को और गतिशील बनाने पर सहमति बनी। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय और वियतनाम के राज्य लेखा परीक्षा कार्यालय के बीच सार्वजनिक क्षेत्र लेखा परीक्षा के क्षेत्र में समझौता हुआ। यह एमओयू भारत और वियतनाम के दो ऑडिट संस्थानों के बीच 2010 के एमओयू को नवीनीकृत करता है और इसे अधिक लचीला तथा गतिशील बनाता है।

बृहन्मुंबई नगर निगम, मुंबई और हो ची मिन्ह सिटी पीपल्स कमिटी के बीच मित्रता एवं सहयोग की स्थापना के लिए समझौता हुआ। इस समझौते का उद्देश्य एक औपचारिक ढांचा स्थापित करना है, जिससे दोनों महानगर शहरी प्रबंधन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा कर सकें।

नालंदा विश्वविद्यालय और वियतनाम की हो ची मिन्ह नेशनल एकेडमी ऑफ पॉलिटिक्स के बीच क्षमता निर्माण को लेकर समझौता हुआ। यह एमओयू वियतनाम को क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण प्रदान करने के भारत के लंबे समय से चले आ रहे प्रयासों को और सुदृढ़ करता है।

आईसीसीआर के तहत वियतनाम के विश्वविद्यालयों में इंडिया स्टडीज चेयर स्थापित की जाएगी और चाम सभ्यता की पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण पर भी सहमति बनी है। यह एमओयू, एनएमएम, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और यूएसएसएच, वीएनयूएचसीएम के बीच संस्थागत संबंध स्थापित करता है, ताकि वियतनाम में वर्तमान में संरक्षित भारतीय मूल की 'चाम' पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, प्रलेखन, संरक्षण, डिजिटलीकरण और ऑनलाइन प्रसार किया जा सके।

पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए भी समझौते किए गए हैं।

साथ ही दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा द्विपक्षीय संबंधों को 'विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत करना, वियतनाम का 'हिंद-प्रशांत महासागर पहल' (आईपीओआई) में शामिल होना, वियतनाम को भारतीय अंगूर और भारत को वियतनामी 'दुरियन' के निर्यात की घोषणा और 'माई सन' स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल पर 'साइट इंटरप्रिटेशन सेंटर' की स्थापना की घोषणा की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार