ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीबी–जी राम जी के अंतर्गत 375 स्वीकार्य कार्यों की जारी की अधिसूचना
नई अनुसूची में पिछले योजना की तुलना में स्वीकार्य कार्यों का दायरा 41 प्रतिशत तक बढ़ाया गया
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी–जी राम जी अधिनियम, 2025’ के अंतर्गत मंगलवार काे स्वीकार्य कार्यों की अनुसूची को अधिसूचित कर दिया है, जिसके अंतर्गत नए ग्रामीण कार्य ढांचे के तहत 375 स्वीकार्य कार्य प्रदान किए गए हैं।
नई अनुसूची पिछले ढांचे के तहत निर्धारित 266 कार्यों की तुलना में 41 प्रतिशत का विस्तार दर्शाती है। इन कार्यों को चार विषयगत स्तंभों-जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचा तथा अत्यधिक मौसम की घटनाओं और आपदा तैयारी के लिए विशेष कार्य के तहत पुनर्गठित किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार नया ढांचा सिर्फ परिसंपत्तियों के पारंपरिक प्रकारों की सूची तक सीमित रहने के बजाय, मजदूरी रोजगार को टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण और मापनीय विकास परिणामों के साथ जोड़ने का प्रयास करता है। प्रत्येक कार्य की शुरुआत विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत जमीनी स्तर से होने वाली विकेंद्रीकृत नियोजन प्रक्रिया के माध्यम से होगी, जिसे ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाएगा और इसे ‘विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक’ के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा।
128 कार्यों के साथ जल सुरक्षा को सबसे बड़ा हिस्सा मिला
मंत्रालय के अनुसार जल सुरक्षा स्तंभ में 128 कार्य शामिल हैं, जो चारों श्रेणियों में सर्वाधिक हैं। इनमें चेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन कुएं, नदियों, छोटी नदियों और नालों का पुनरुद्धार, जलभराव वाली भूमि का सुधार तथा खेतों में जल-वितरण चैनलों का जीर्णोद्धार शामिल है।
इस अनुसूची में ड्रिप सिंचाई, फव्वारा प्रणाली, छतों पर वर्षा जल संचयन और टांकों के साथ-साथ जल संरक्षण और सिंचाई के लिए बर्फ-स्तूपों तथा कृत्रिम हिमनदों जैसे नए उपायों को भी शामिल किया गया है।
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्तंभ में 111 कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक नागरिक और बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। इनमें सौर स्ट्रीट लाइटिंग, अपशिष्ट से संपदा रीसाइक्लिंग संयंत्र, ग्रे-वॉटर उपचार इकाइयां, कचरा पृथक्करण शेड, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, बहुउद्देशीय युवा केंद्र, सामुदायिक सुविधाएं तथा सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का निर्माण शामिल है।
इस ढांचे में जल जीवन मिशन की जलापूर्ति बुनियादी ढांचे की मरम्मत और रखरखाव के साथ-साथ ग्रामीण पार्कों, पैदल पथों और ग्राम स्तर की अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण आजीविका और मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए 98 कार्य
नए ढांचे में आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचे पर विशेष रूप से अधिक जोर दिया गया है, जिसके अंतर्गत 98 स्वीकार्य कार्य शामिल हैं। इस श्रेणी में कृषि-प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से बुनियादी ढांचा, सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग इकाइयां, शीत भंडारण सुविधाएं, मिनी आटा मिलें, कृषि बाजार परिसर, डेयरी अवसंरचना, मशरूम उत्पादन शेड, रेशम उत्पादन शेड, पॉली-हाउस तथा जलीय कृषि संरचनाएं शामिल हैं।
इसमें स्वयं सहायता समूहों और उनके संघों के लिए बुनियादी ढांचा का प्रावधान किया गया है, जिसमें एसएचजी कार्यशालाएं, शी मार्ट और संघ भवन, साथ ही प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र शामिल है। आजीविका से संबंधित कार्यों का हिस्सा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, जो नए ढांचे के तहत कुल स्वाकार्य कार्यों का 26 प्रतिशत है, जबकि पिछले ढांचे में यह 1.1 प्रतिशत था।
आपदा तैयारी और जलवायु अनुकूलन के लिए 38 कार्य शामिल
पहली बार, ग्रामीण कार्य ढांचे में आपदा तैयारी और चरम मौसम की घटनाओं के लिए एक समर्पित श्रेणी को शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत 38 कार्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें बाढ़ राहत आश्रय स्थल, सुरक्षा दीवारें, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण, बाढ़ सुरक्षा कार्य, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, तथा जंगल की आग से निपटने के उपाय के रूप में फायर लाइन और ईंधन-बफर क्षेत्र शामिल हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रामानुज शर्मा