निजी कंटेंट निर्माताओं को प्रसार भारती देगा 90% राजस्व
नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। सरकार ने निजी कंटेंट निर्माताओं को दूरदर्शन, आकाशवाणी और वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी डिजिटल रचनाओं के प्रसारण करने तथा उससे अर्जित होने वाले राजस्व में से 90 फीसदी निर्माताओं को देने का प्रस्ताव किया है।
रेल, सूचना प्रसारण, इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को यहां प्रसार भारती के प्लेटफॉर्म्स के लिए क्रिएटर्स काॅर्नर के शुभारंभ के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। इस अवसर पर सूचना प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री एल मुरुगन, सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू और प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे।
वैष्णव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रसार भारती के प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट के चयन को लेकर एक टीम बनाई जाएगी जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी लोग शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि हमने राजस्व साझा करने वाला एक अनोखा मॉडल तैयार किया है। दूरदर्शन, आकाशवाणी और वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी डिजिटल रचनाओं के प्रसारण से जितना राजस्व आएगा, उसका लगभग 90 फीसदी निर्माताओं को दिया जाएगा जबकि केवल 10 फीसदी ही प्रसार भारती लेगी। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी टेलीविजन चैनल पर कंटेंट निर्माताओं को उनकी डिजिटल रचनाओं के प्रसारण का मौका मिलेगा। इससे लगभग आठ करोड़ कंटेंट निर्माताओं के लिए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
वैष्णव ने कहा कि इस समय वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर 250 से अधिक टीवी और एफएम रेडियो चैनल उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उनका विचार है कि टेलीविजन विनिर्माताओं से अनुरोध किया जाए कि वे अपने-अपने टीवी सेट्स में वेव्स ओटीटी इनबिल्ट करके बाजार में लाएं।
वैष्णव ने कहा कि क्रिएटर्स कॉर्नर को लेकर विज्ञापन कंपनियों से भी बात हो गई है। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि कंटेंट क्रिएटर्स को निष्पक्ष मौका और समुचित राजस्व अवश्य मिलना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किसी विचारधारा को प्रोत्साहित करने और किसी को हतोत्साहित करने की प्रवृत्ति पर उन्होंने नाखुशी जताई और स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई एक्स, फेसबुक या इंस्टाग्राम जैसे भारतीय प्लेटफॉर्म आते हैं तो वह उन्हें पूरा समर्थन देने के लिए तैयार हैं। ------------
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया