स्मृति ईरानी ने सपा प्रमुख काे गाेरखपुर से चुनाव लड़कर जीतने की दी चुनाैती
—सपा प्रमुख के 'सास बहू' वाले तंज पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने किया पलटवार
वाराणसी, 17 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'सास बहू' वाले तंज पर पलटवार किया है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि वह अपनी पैतृक लोकसभा सीट से नहीं बल्कि किसी और सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं। वह एक कामकाजी महिला हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पैतृक सीट (अमेठी) से चुनाव लड़कर जीत चुकी हैं। यदि अखिलेश यादव में दम है तो वह गोरखपुर की सीट से चुनाव लड़े और जीत कर दिखाएं।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री शुक्रवार को चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल सभागार में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन' (सशक्त नारी, सशक्त भारत) कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान मीडिया कर्मियों से रूबरू थीं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है, उन्हें उनकी याद आना अच्छा है। कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना आसान होता है, खासकर उनके लिए जिन्होंने कभी खुद कहीं नौकरी ना की हो या फिर अपनी पहचान मेहनत से न बनाई हो। महिला आरक्षण बिल को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के स्टैंड पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि संविधान में किसी को धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है, अखिलेश यादव को यह पता होना चाहिए।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने अखिलेश यादव को धारावाहिक छोड़कर संसद के काम पर ध्यान देने और महिला सशक्तिकरण बिल का समर्थन करने की सलाह दी। स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत की महिलाओं के साथ सभी दल न्याय करें। नारी के इस सम्मान में खलल डालने वालों को देश माफ नहीं करेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि देश की जनता और अल्पसंख्यकों को विपक्ष गुमराह कर रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग को भारत का संविधान धर्म के आधार पर स्वीकार नहीं करता। अखिलेश यादव वाकई मुस्लिम महिलाओं के उत्थान के प्रति गंभीर होते, तो वे तीन तलाक के मुद्दे पर उनके विरोध में खड़े नजर नहीं आते। अखिलेश यादव के बयानों को पूर्व मंत्री ने 'वोट बैंक' की राजनीति करार दिया।
प्रेस वार्ता में साहित्यकार डॉ नीरजा माधव, पूर्व महापौर वाराणसी मृदुला जायसवाल ,साधना वेदांती ,रचना अग्रवाल ,जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, डॉ आनंद प्रभा,भाजपा नेत्री मीना चौबे आदि भी मौजूद रही। इससे पहले पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि विधान से दर्शन पूजन किया। धाम में मंदिर के डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण और प्रदेश के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री की अगवानी की। दर्शन पूजन के बाद पूर्व केन्द्रीय मत्री स्मृति ईरानी ने मंदिर परिसर में कुछ समय भी व्यतीत किया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी