उज्जैन सिंहस्थ में विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर हाेगा भीड़ प्रबंधन, तकनीक के एमओयू हस्ताक्षरित
— प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महाकाल लोक बनने के बाद क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदली: माेहन यादव— काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने उज्जैन आयुक्त ने एमओपर पर किए हस्ताक्षर
वाराणसी, 31 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जिस तरह बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ प्रबंधन हो रहा है, उसी तरह का प्रबंधन हम सिंहस्थ में भी चाहते हैं। हमारा दौरा उसी की जानकारी लेने और योजना बनाने के लिए है। सभी राज्यों में बेहतर धार्मिक पर्यटन की व्यवस्था हो, धार्मिक पर्यटन से लोगों की जिंदगी में बदलाव आए, इस पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए मंदिर न्यास के साथ एक एमओयूहस्ताक्षरित किया गया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार काे उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 में भाग लेने पहुंचे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में हाजिरी लगाई। मंदिर में विधि विधान से वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच दर्शन पूजन के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में अध्ययन भ्रमण किया। धाम के सभागार में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर के क्राउड फ्लो डिजाइन, अधोसंरचना लेआउट और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणालियों का अवलोकन किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर भीड़ प्रबंधन पर मंदिर न्यास की विशेष प्रस्तुतियां देखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर के अधिकारियों के साथ भी बैठक कर मंदिर प्रबंधन से जुड़ीं कई जानकारियां भी ली। इसके बाद मंदिर में क्राउड मैनेजमेंट की तकनीक को लेकर मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ विश्व भूषण मिश्रा ने उज्जैन के आयुक्त के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन स्थल होटल रामाडा पहुंचे और सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भीड़ प्रबंधन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि धाम का प्रबंधन बहुत अच्छा लगा। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। उसके साथ ही, यहां के निवासियों ने इस निर्णय को स्वीकार कर बड़ा योगदान दिया। पूरे विश्व की भगवान शंकर पर आस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जिस तरह बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ प्रबंधन हो रहा है, उसी तरह का प्रबंधन हम सिंहस्थ में भी चाहते हैं। हमारा दौरा उसी की जानकारी लेने और योजना बनाने के लिए है। सभी राज्यों में बेहतर धार्मिक पर्यटन की व्यवस्था हो, धार्मिक पर्यटन से लोगों की जिंदगी में बदलाव आए, इस पर विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महाकाल लोक बनने के बाद पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल गई है। इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां भी बदलाव आया है। सभी लोगों को साथ मिलाकर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने ओडीओपी को लेकर कहा कि उत्तर प्रदेश में बहुत अच्छा काम हुआ है। मुख्यमंत्री योगी और उनकी टीम का इसमें बड़ा योगदान है। हमारी सरकार भी इस पर बड़ा काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में हम चर्चा करेंगे कि दोनों राज्यों के बीच क्या बेहतर हो सकता है। हम धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ लघु उद्योगों पर भी ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में बनारसी साड़ी की विरासत रही है, उसी तरह मध्यप्रदेश में चंदेरी, महेश्वरी साड़ी सहित लघु उद्योगों पर काम हो रहा है।
इसके पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया के अधिकृत अकाउंट एक्स पर लिखा कि आज वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के साथ बैठक में श्रद्धालु प्रबंधन, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्वच्छता प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अधिकारियों ने दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम की जानकारी दी। प्रयागराज कुम्भ और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दृष्टिगत हम उज्जैन में श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए दूरगामी योजनाएं तैयार कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी