महान गायिका आशा भोसले की अस्थियां वाराणसी में गंगा नदी में विसर्जित, विधि-विधान से पिंडदान

 

- पुत्र आनंद भोसले और पौत्री जनाई ने अस्सी घाट पर तर्पण भी कराया

वाराणसी, 20 अप्रैल (हि.स.)। मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले की अस्थियां सोमवार को धर्म नगरी काशी के अस्सी घाट के सामने मध्य गंगा नदी की धारा में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विसर्जित की गईं। महान गायिका के पुत्र आनंद भोसले एवं पौत्री जनाई भोसले ने घाट पर वैदिक कर्मकांडियों की देखरेख में विधि-विधान से पिंडदान कर तर्पण भी कराया। इसके बाद नौका पर सवार होकर पार्श्व गायिका आशा भोसले की अस्थियां नम आंखों से गंगा में प्रवाहित कर दी।

गायिका आशा भोसले का निधन बीते 12 अप्रैल को मुंबई महाराष्ट्र के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। पुत्र आनंद भोसले ने पत्रकारों को बताया कि मां ने मृत्यु से कुछ दिनों पूर्व ही काशी में अपनी अस्थियों के विसर्जन की इच्छा जताई थी। आनंद भोसले ने बताया उनकी मां अपने जीवनकाल में सिर्फ एक बार काशी आई थीं लेकिन उनका भगवान शिव से अटूट नाता था। अपनी मां की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए ही आज हम लोग यहां अस्थियां लेकर आए हैं और उनका पिंडदान भी किया है।

ज़नाई भोसले ने अपनी दादी आशा भोसले के निधन के बाद सोशल मीडिया पर पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने महान गायिका के प्रति प्रेम और सम्मान को बताया था। जनाई ने अपने पोस्ट में लिखा था- आज सुबह जब मैं उठी, तो मुझे एहसास हुआ कि मैंने अपनी सबसे अच्छी दोस्त, अपनी सबसे करीबी साथी और एक ऐसी शख्सियत को खो दिया है जिसने मेरी दुनिया को पूरा किया। मेरे जन्म के बाद मुझे गोद में उठाने वाली वह शख्सियत थीं। अब मैं क्या करूंगी? सुबह उठकर किसे गले लगाऊंगी और किसके साथ चाय पीऊंगी? घर आने पर रोज मेरा इंतजार कौन करेगा या किसके साथ हल्के-फुल्के मजाक करूं...? ये तो बस कुछ ही बातें हैं जिनके जरिए मैं उन्हें याद कर सकती हूं, लेकिन उन सभी लोगों के लिए जिन्होंने मेरे साथ इस दुख को महसूस किया है, याद रखें कि वह जीवन और हंसी की मिसाल थीं और हैं इसलिए अगर आपको उन्हें याद करना ही है तो बस इसी रूप में याद करें। वह हम सभी को, खासकर अपने परिवार को ऊपर से देख रही है और मुझे विश्वास है कि वह बहुत जल्द मेरे पास वापस आएगी, क्योंकि उसने मुझसे यही वादा किया था और हमेशा यही कहा था। मैंने अपने जीवन का प्यार खो दिया है और दुनिया में इससे बड़ा कोई दुख नहीं है, इसलिए मैं आप सभी से आग्रह करती हूं कि जीवन को पूरी तरह से जिएं और उसे उसी तरह याद करें और उसके जीवन का जश्न मनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं आशाई, और अभी के लिए अलविदा मेरे प्यार.. मुझे पता है कि तुम हमेशा मेरे साथ रहोगी चाहे कुछ भी हो जाए, बस तुम्हारे वापस आने और मुझे फिर से गले लगाने का इंतजार कर रही हूं।

जनाई ने लिखा कि वह हम सभी को, खासकर अपने परिवार को ऊपर से देख रही है और मुझे विश्वास है कि वह बहुत जल्द मेरे पास वापस आएगी, क्योंकि उसने मुझसे यही वादा किया था और हमेशा यही कहा था, मैंने अपने जीवन का प्यार खो दिया है। दुनिया में इससे बड़ा कोई दुख नहीं है, इसलिए मैं आप सभी से आग्रह करती हूं कि जीवन को पूरी तरह से जिएं और उसे उसी तरह याद करें और उसके जीवन का जश्न मनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं आशाई, और अभी के लिए अलविदा मेरे प्यार.. मुझे पता है कि तुम हमेशा मेरे साथ रहोगी चाहे कुछ भी हो जाए, बस तुम्हारे वापस आने और मुझे फिर से गले लगाने का इंतजार कर रही हूं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी