उत्तर प्रदेश में बारिश और आंधी-तूफान का कहर, 15 लोगों की मौत, 117 मकान ढहे
लखनऊ, 26 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 48 घंटे से जारी बारिश और आंधी-तूफान के चलते विभिन्न हादसों में करीब 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 117 कच्चे एवं जर्जर मकान गिर गए।
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। शनिवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 15 जनहानि, 04 पशुहानि तथा 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त 05 व्यक्ति घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 63 जनपदों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश हुई है। फर्रुखाबाद में सामान्य से कई गुना अधिक, कानपुर नगर तथा कन्नौज, कानपुर देहात एवं हरदोई में भी कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। भदोही, देवरिया एवं अलीगढ़ में सामान्य बारिश हुई है, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर एवं हापुड़ में बारिश नहीं हुई है।
राहत आयुक्त के मुताबिक, प्रदेश में जनहानि के मामलों में अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई एवं कानपुर नगर में 01-01, अयोध्या में 02 तथा लखीमपुर खीरी में 04 जनहानियां हुई हैं।
इनमें उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में नीमगांव क्षेत्र के रहमतपुर गांव में बारिश के दौरान कच्चा मकान गिरने से पति-पत्नी और उनके बेटे की मलबे में दबकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों के शव निकाले। हमीरपुर जिले के सरीला तहसील के जलालपुर थाना क्षेत्र के भेड़ी डांडा गांव में शनिवार को पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर गिरने से मलबे में दबकर करीब 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बहराइच के कैसरगंज क्षेत्र में छप्पर गिरने से अधेड़ महिला की मौत हो गई। संतकबीरनगर में तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से बाइक सवार 45 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई। इस तरह अन्य जिलों में विभिन्न हादसों में लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान से अमेठी में 01, फर्रूखाबाद 01, कासगंज 01, मैनपुरी 01, बलिया 02, बलरामपुर 02, प्रतापगढ़ 02, संतकबीरनगर 02, वाराणसी 02, गाजीपुर 03, कानपुर देहात 03, बहराइच 05, सुल्तानपुर 05, औरया 07, पीलीभीत 07, जालौन 21, बांदा में 32 तथा हरदोई में 14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
लखनऊ स्थित मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में कई मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से वातावरण में नमी बढ़ी है, जिसके चलते बारिश का दौर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि पूरे दिन के बाद शनिवार की रात को भी प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। 27 सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
काशी में खराब मौसम के चलते उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं सका। इसके बाद उपमुख्यमंत्री को सड़क मार्ग से कार के माध्यम से गाजीपुर के लिए एक कार्यक्रम में रवाना होना पड़ा।
वहीं तेज बारिश और कम दृश्यता का असर लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमान संचालन पर भी पड़ा। कम दृश्यता के चलते छह उड़ानें लखनऊ में लैंड नहीं कर सकीं और उन्हें दिल्ली तथा नोएडा एयरपोर्ट डायवर्ट किया गया। हैदराबाद से आई इंडिगो की उड़ान को दिल्ली, जबकि गोवा और इंदौर से आई इंडिगो की उड़ानों को नोएडा भेजा गया। बेंगलुरु से आई इंडिगो की उड़ान और एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान को भी दिल्ली डायवर्ट किया गया। खराब मौसम के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लखनऊ में नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारीनगर निगम की ओर से बारिश एवं जलभराव से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर 1533 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त नागरिक 9219902911, 9219902912, 9219902913 एवं 9219902914 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव, गिरे हुए पेड़ अथवा अन्य किसी समस्या की सूचना तत्काल नगर निगम के कंट्रोल रूम को दें, ताकि संबंधित टीम को मौके पर भेजकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
कानपुर में गंगा चेतावनी स्तर के करीब
कानपुर बाढ़ नियंत्रण कार्यालय के अनुसार सुबह आठ बजे कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में गंगा का जलस्तर 113.800 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 112.340 मीटर था। चेतावनी स्तर 114 मीटर है। बैराज से 91,945 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शुक्लागंज में जलस्तर 110.970 मीटर दर्ज हुआ। हरिद्वार बैराज से 44,549 और नरौरा बैराज से 17,294 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है।
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम वैज्ञानिक एसएम सुनील पांडे ने बताया कि मल्टीपल मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने और नमी बढ़ने के कारण कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश हो रही है। अगले 24 घंटे बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम में सुधार की उम्मीद है और सोमवार से बारिश में राहत मिल सकती है। औरैया में यमुना का जलस्तर 103.200 मीटर रहा और इसमें कमी का रुख दर्ज किया गया। जिले में 130.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। यमुना का चेतावनी स्तर 112 और खतरे का स्तर 113 मीटर है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे नहीं रुकने तथा जर्जर मकानों से दूर रहने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा