उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधान ही रहेंगे प्रशासक, आदेश जारी

 




- 26 मई को खत्म हो रहा है ग्राम पंचायतों का कार्यकाल

-27 मई से प्रशासक के रूप में काम करेंगे ग्राम प्रधान

- प्रदेश में पहली बार 57 हजार 694 प्रधान बनेंगे प्रशासक

लखनऊ, 25 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर शाम त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न होने के कारण ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों को यह बड़ा तोहफा दे दिया है। ऐसी ही मांग ग्राम प्रधान संगठनों की ओर से की जा रही थी कि कार्यकाल खत्म होने के बाद चुनाव होने तक वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासन चलाने की अनुमति दी जाय। इस आदेश के बाद अब जिलाधिकारी अपने-अपने जिले के ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी करेंगे और वे 27 मई से अपना काम शुरु करेंगे।

प्रदेश में यह पहली बार होगा जब ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक समिति बनाई जाएगी। प्रदेश में 57 हजार 694 ग्राम पंचायतें हैं और इनका कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। ग्राम पंचायताें का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रधानों की भूमिका को लेकर चल रही तरह -तरह की अटकलें आज खत्म हो गयी हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हरी झंडी मिलने के बाद पंचायत राज विभाग ने सोमवार को देर शाम आदेश जारी कर दिया है कि ग्राम पंचायतों के कामकाज को निवर्तमान प्रधान ही संभालेंगे। यह अवधि छह माह या इससे अधिक भी हाे सकती है। प्रधान ग्राम पंचायत चुनाव हाेने तक वे सभी प्रकार के रूटीन कार्य करेंगे, जबकि नीतिगत फैसलों से संबंधित प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे और वही अंतिम फैसला लेंगे। शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। इसके बाद 27 मई से ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे और इन्हें प्रशासक नियुक्त करने का आदेश संबंधित जिलों के जिलाधिकारी जारी करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह