(लीड) अयाेध्या में योगी बाेले- एसआईटी कर रही जांच, दाेषी बख्शे नहीं जाएंगे

 


अयोध्या, 19 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र प्रकरण पर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारने वाले, रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले उपदेश दे रहे हैं। अयोध्या को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। अयोध्या के बारे में समाचार पत्रों से जो जानकारी मिली, उसके बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर हमने एसआईटी जांच बैठाई है। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट आने तक ऐसी कोई बयानबाजी न हो, जो रामभक्तों की भावनाओं को आहत करती हो। यदि किसी के पास डाक्यूमेंट्री प्रूफ हो तो एसआईटी को उपलब्ध करा दें। योगी ने रामभक्तों से विनम्र अपील की कि प्रभु राम ने हमें मर्यादित रहने का आचरण दिया है, इसलिए मर्यादा का पालन करना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने प्रभु के स्थान के लिए मर्यादित रहते हुए 500 वर्षों तक संघर्ष किया है, 15 दिन और इंतजार कर लें। अगर कोई अपराधी है तो यह सुनिश्चित है कि वह कोई भी हो, बचेगा नहीं।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को रुदौली विधानसभा क्षेत्र में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय व चिकित्सालय समेत 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को बदनाम और रामजन्मभूमि मंदिर को अपमानित करने वालों के बहकावे में न आएं। ये लोग कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या सम्मान पाए, क्योंकि क्षमता विहीन इन लोगों ने तो कुछ किया नहीं। जिन लोगों ने अयोध्या को बिजली नहीं दी और संकरी गलियों में बांधकर रखा, वे लोग आज दुष्प्रचार कर सप्तपुरियों में प्रथम अयोध्या को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।

योगी ने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने, राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा करने, न्यायालय में अधिवक्ता खड़ा करके राममंदिर निर्माण में रोड़े अटकाने, रामभक्तों को अपमानित करने और माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने वाले उपदेश देना बंद करें। एसआईटी की रिपोर्ट आने तक कतई बयानबाजी न करें, यह जांच को प्रभावित करती है। जांच के बाद किसी भी पक्ष को बात कहनी है तो एसआईटी तैयार रहेगी, लेकिन चरित्र हनन व अयोध्या को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास न करें।

मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्होंने अब तक राम मंदिर के दर्शन नहीं किए और अपने विधायकों को भी अयोध्या आने से रोका। प्रदेश सरकार के मंत्री मनोज पांडेय ने जब बतौर सपा विधायक प्रस्ताव रखा कि अयोध्या में सभी विधायकों को दर्शन करने जाना चाहिए तो हमने इसे स्वीकार किया, लेकिन अखिलेश यादव ने मना कर दिया। कहा कि कोई दर्शन करने नहीं जाएगा। उनकी भक्ति राम के प्रति नहीं है, वह बाबर की पूजा करने वाले लोग हैं। राम का स्मरण करने पर सपा ने मनोज पांडेय को अपमानित कर बाहर कर दिया। अयोध्या से परहेज करने वाले ये लोग सिर्फ बदनाम करने की नीयत रखते हैं।

योगी ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि भगवान राम का मंदिर न बनने पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र दिया था कि राम तो हुए ही नहीं। जिसने आपके सामने पहचान का संकट खड़ा किया, वह कांग्रेस आज अयोध्या पर मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हो रहा है। जब कांग्रेस ने जगत नियंता राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा किया, तब रामभक्तों का अपमान नहीं हुआ? कारसेवकों पर गोली चलाने और जय श्रीराम बोलने पर लाठियां भांजने वाली समाजवादी पार्टी रामभक्तों के अपमान की बात कह रही है, उपदेश दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का सोलर सिटी बनना, फोरलेन कनेक्टिविटी, महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट, निषादराज के नाम पर रैन बसेरा, मां शबरी के नाम पर भोजनालय, सरयू के आंचल में बनी राम की पैड़ी, पंचकोसी, 14 कोसी व 84 कोसी परिक्रमा का भव्य स्वरूप सपा व कांग्रेस को अच्छा नहीं लगता। रामविरोधी लोग अयोध्या के भव्य स्वरूप को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक अमित सिंह चौहान, चंद्रभानु पासवान, अभय सिंह, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ‘खब्बू’, गोरखनाथ बाबा, भाजपा जिलाध्य़क्ष राधेश्याम त्यागी आदि मौजूद रहे। रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने अतिथियों का स्वागत किया।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला