राष्ट्रभक्ति सिर्फ नारों से नहीं, अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन से होती है : मुख्यमंत्री योगी
-पूरा देश हमारा है, उसकी सीमा पर रहने वाले लोगों की सेवा हमारा धर्म है : डॉ. कृष्ण गोपाल
लखनऊ, 24 मार्च (हि. स.)। श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन के तत्वाधान में हुई श्रीगुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6.0 के अवसर पर मंगलवार को कार्यकर्ता सम्मान समारोह का सीएमएस गोमतीनगर विस्तार में आयोजन हुआ। सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों ने भारत माता, भगवान धनवंतरि, स्वामी विवेकानंद और गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं सबसे पहले भारत-नेपाल की मैत्री को प्रगाढ़ करने तथा सफलतापूर्वक उसे छह वर्षों से सुदूर क्षेत्रों में जाकर समाज को जोड़ने का काम करने वाले सभी संगठनों व स्वयंसेवी संगठन के सदस्यों का अभिनन्दन करता हूँ। यह स्वास्थ्य यात्रा उत्तराखंड के चारधाम यात्रा में सहयोग करती है। हमें अभी हरिद्वार में बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री एवं केदारनाथ की कठिन धार्मिक यात्रा में स्वास्थ्य सेवा देने वालों को सम्मानित करने का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमें इस कार्यक्रम से शुरु से ही जुड़ने का अवसर मिला है। हमारे सीमावर्ती जिलों के सात जनपदों में यह यात्रा जनजातीय समाज में जाती है। जिनको कोई नहीं पूछता उनको अपनी सेवा व संवेदना से चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराकर उनके मन को जोड़ने का काम किया है। यह राष्ट्रीय भावना का काम है।
2007-08 की घटना है कि नेपाल में कई दिनों से खूनी संघर्ष चल रहा था। तब मैंने सीमा जागरण मंच के माध्यम से जानकारी की तो पता चला कि उसमें मधेशी और माओवादी का संघर्ष चल रहा है और थारू जनजाति के लोग माओवादियों की ओर से लड़ रहे थे। तब हमने यूपी के सीमावर्ती जिलों की जानकारी पाटेश्ववरी देवी मंदिर के महंत से लेनी चाही तो उन्होंने हमें वहाँ आने के लिए आमंत्रित किया। वहाँ जाने पर एक कार्यक्रम में थारू समुदाय के आयोजकों ने हमें राणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण हेतु कहा। हमारे पूछने पर उन्होंने बताया कि हम महाराणा प्रताप के वंशज हैं तभी तो स्वाभिमान के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में डटे हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल स्थित थारू समाज से उन्होंने रोटी-बेटी के रिश्ते समाप्त कर लिये हैं, क्योंकि वो माओवादियों का साथ देते हैं।
मुख्यमन्त्री ने कहा कि, उनके अभावपूर्ण जीवन को देखते हुए हमने उनके गांवों का राजस्व विकास किया। उनके हर परिवार को हमने मकान बनाकर दिया। बिजली एवं सोलर पावर पैनल, स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड बनाकर दिया। यही काम हमने प्रदेश के हर जिले में रहने वाले वनवासी समाज के लिये भी किया है।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि कल वे बहराइच के सुदूर तथा कठिन क्षेत्र भरतापुर गांंव के लोगों के लिये मकान, जमीन की सुविधा देने का काम करने जा रहे हैं। हम दूसरे देशों से आये परिवारों को भी सुविधा देने का काम करेंगे। उन्हें नागरिकता प्रधानमंत्री ने पहले ही दे दिया है, अब हम उन्हें मकान व जमीन की सुविधा देने का काम करने जा रहे हैं। मनुष्य के अन्दर यह क्षमता है कि वह सेवा करके दूसरों को भी इसके लिये जागरूक कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि सुदूर गांवों के लिये जाने वाली यह स्वास्थ्य यात्रा अपने सीमित संसाधनों में 23 हजार मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण से शुरु होकर आज दो लाख 66 हजार लोगों तक पहुंंच गयी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, राष्ट्रभक्ति सिर्फ नारों से नहीं बल्कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करने से होती है। चिकित्सकों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि, आप अपनी ओपीडी को सीमित मत करिये, क्योंकि फील्ड में जाने पर पता चलेगा कि मरीज की बीमारी वहाँ की जियोग्राफी और क्लाइमेट से भी प्रभावित होती है। आज गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा और एनएमओ के प्रति इन सात जिलों में जागरूकता बढ़ी है। समाज में कोई जाति, समाज, वर्ग यदि कमजोर है तो राष्ट्र का विकास नहीं हो सकता है। समावेशी विकास से ही राष्ट्र आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों ने आह्वान किया कि आपको इस स्वास्थ्य यात्रा अभियान को एक आन्दोलन का रूप देना पड़ेगा। उन्होंने चिकित्सकों से माह के एक रविवार को सेवा कार्य हेतु समय देने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल ने कहा कि जब समाज के दुख को देखकर समाज खुद खड़ा हो जाये तो समझो समाज में जागृति आयी है। नेशनल मेडिकल आर्गेनाइजेशन के नाम से देशभर में जो हमारे मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी एवं अध्यापक कार्य कर रहे हैं, उनका संगठन, कैम्पस और उसके बाहर भी है, जिससे वे हजारों की संख्या में समाज व देश की सेवा से जुड़े हैं। 1999 में काशी के मेडिकल संस्थान की टीम ने वनवासी क्षेत्र में धनवंतरि यात्रा में जाना शुरु किया। उसके बाद 2004 से असम में यही यात्रा शुरु हुयी। आज वहां सीमावर्ती गांवों में ट्रकों में दवाई लेकर प्रतिवर्ष जाते हैं। म्यांमार, तिब्बत, बांग्लादेश की सीमा तक चिकित्सा सुविधा हमारे सेवाभावी चिकित्सक उपलब्ध कराते हैं। आज दिल्ली तक के डाक्टर पूर्वोत्तर में चिकित्सा सेवा के लिये जाते हैं। कई घंटे नावों में बैठकर हमारे डाक्टर इन दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचते हैं।
सह सरकार्यवाह ने आगे कहा कि, देश के हर व्यक्ति को लगना चाहिए कि यह पूरा देश हमारा है। उसकी सीमाओं पर रहने वाले लोगों की सेवा हमारा धर्म है। आज दुनियाभर के संस्थानों में भारतीय चिकित्सक इंजीनियर काम कर रहे हैं। मैं केन्या गया तो वहां के लोगों ने हमें भारतीय जानकर कहा कि भारत के डॉक्टर बहुत अच्छे हैं। आज दिल्ली शहर की कुछ बस्ती में रहने वाली महिलाएंँ शत-प्रतिशत एनेमिक हैं। हमारे कार्यकर्ता डाक्टरों ने तय किया है कि वे मिलकर इन्हें एनीमिया से बाहर निकालने में पूरी मदद करेंगे। लखनऊ के स्वयंसेवक चिकित्सकों ने लखनऊ में भी एक बस्ती इसी प्रकार चयनित कर उनकी सेवा का संकल्प लिया है। हम कामना करते हैं कि पूरा भारत नशामुक्त व स्वस्थ रहे।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि, “सेवा करना किसी व्यक्ति के संसाधनों पर नहीं बल्कि भाव पर निर्भर करता है। सेवा करना भी भाग्य पर निर्भर रहता है। थारू और वनटांगिया समाज के लिए मुख्यमंत्री, एनएमओ और गोरक्षनाथ सेवा न्यास द्वारा बड़ा काम किया जा रहा है। हमने एक डाक्टर मित्र से कहा कि समाज ने जो तुम्हें दिया वह समाज को वापस भी करो। आपको प्रैक्टिकल के लिये जो शव मिला होगा, वह आपको बिना किसी मूल्य के मिला होगा। वह आप पर एक ऋण है जिसे वापस करना चाहिये। एक बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक प्रो. रज्जू भैया जी ने हमसे कहा था कि सरकार समाज की सहयोगी हो सकती है लेकिन परिवर्तन समाज की जागरूकता से ही होगा।
एनएमओ के वरिष्ठ सदस्यों ने मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूपेन्द्र सिंह ने किया एवं स्वास्थ्य यात्रा का वृत्त कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलवी भट्ट ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल, राष्ट्रधर्म के निदेशक मनोज कान्त, वरिष्ठ प्रचारक वीरेन्द्र सिंह, प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह, प्रो. एमएलवी भट्ट, आरएमएल के निदेशक सीएम सिंह, सीएमएस विक्रम सिंह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, प्रांत सम्पर्क प्रमुख गंगा सिंह, एमएलसी महेंद्र सिंह, मंत्री सतीश शर्मा, एमएलसी पवन सिंह, डॉ. प्रभात पांडेय, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, ओएसडी सीएम डॉ. श्रवण बघेल, विधायक ओपी श्रीवास्तव समेत अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला