बेटियों से दुराचार करने वालों में रावण की प्रवृत्ति, नशे के खिलाफ भी लड़ना होगा : शिवराज सिंह
- केंद्रीय मंत्री चौहान ने विजयादशमी पर रील के जरिए दिया संदेश, देशवासियों को दी शुभकामनाएं
भोपाल, 20 अक्टूबर (हि.स.)। विजयादशमी पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेटियों के साथ दुराचार की घटनाओं और समाज में बढ़ते नशे को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ दुराचार करने वालों में रावण जैसी प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि बुराई पर विजय का पर्व तभी सार्थक होगा, जब समाज बेटियों के सम्मान की रक्षा करने और नशे जैसी बुराइयों को खत्म करने का संकल्प लेगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने विजयादशमी पर मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर रील के जरिए संदेश दिया। उन्होंने सभी देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि देशभर में उत्साह के साथ अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया जा रहा है। परंपरा के अनुसार जगह-जगह रावण के पुतले जलाए जाएंगे, लेकिन उनके मन में बार-बार यह सवाल उठता है कि हर साल रावण का दहन करने के बावजूद समाज में उसकी बुराइयां क्यों बनी हुई हैं।
मासूम बेटियों के साथ घटनाएं होती हैं तो लगता है रावण आज भी जिंदा है
केन्द्रीय मंत्री शिवराज ने अपने संदेश में कहा कि जब किसी मासूम बेटी के साथ दुराचार की घटना होती है, तो मन व्यथित हो जाता है। तब लगता है कि रावण आज भी कहीं ज़िंदा है। ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि रावण का अंत केवल पुतला जलाने से नहीं हो सकता। समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा का भाव मजबूत करना भी जरूरी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर साल विजयादशमी पर रावण का दहन किया जाता है, तो फिर उससे जुड़ी बुराइयां समाप्त क्यों नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ होने वाले अपराधों को रोकना ही बुराई रूपी रावण के अंत की दिशा में वास्तविक कदम होगा। केंद्रीय मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे मां, बहन और बेटी का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का संदेश केवल रावण के पुतले जलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे अपने व्यवहार और सामाजिक जीवन में भी उतारना होगा।
नशे को बताया व्यक्ति, परिवार और देश के लिए नुकसानदेह
शिवराज ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि नशा नाश की जड़ है। यह व्यक्ति और परिवार को नुकसान पहुंचाने के साथ देश को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि नशे रूपी रावण का अंत क्यों नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि दशहरे पर रावण का दहन करने के साथ लोगों को अपने भीतर मौजूद बुराइयों को भी समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। नशे से दूरी और समाज को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। शिवराज ने कहा कि बेटियों के सम्मान की रक्षा और नशे के खिलाफ लड़ाई के बिना विजयादशमी के संदेश को पूरी तरह सार्थक नहीं बनाया जा सकता।
केन्द्रीय मंत्री ने देशवासियों, भाइयों-बहनों और भांजे-भांजियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से सन्मार्ग पर चलने और हमेशा अच्छाई का साथ देने की अपील की। उन्होंने भगवान राम को अच्छाई का प्रतीक बताते हुए कहा कि सभी को बुराइयों से दूर रहना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कामना की कि मां का आशीर्वाद सभी पर बना रहे, हर व्यक्ति सुखी रहे और जीवन में आगे बढ़े। उन्होंने देशवासियों से ऐसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का आह्वान किया, जो व्यक्ति, परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि आइए, इस विजयादशमी पर रावण के साथ इन बुराइयों को भी समाप्त करने का संकल्प लें। तभी रावण का अंत होगा और विजयादशमी का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत