यूकेएसएसएससी परीक्षा धांधली केस में ईडी की छापेमारी, नकदी और सोना बरामद

 


नई दिल्ली, 11 सितंबर (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी की। 10 सितंबर को धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत की गई कार्रवाई के दौरान आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष, तत्कालीन सचिव, परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर प्रसंस्करण का काम करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक, कथित बिचौलियों और अन्य संबंधित लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई।

ईडी के अनुसार तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के निजी सहायक के रूप में कार्यरत चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 महंगी घड़ियां बरामद हुईं। उनके और परिवार के बैंक खातों में कुल 52.16 लाख रुपये की राशि भी जमा थी, जिसे जांच के दौरान फ्रीज किया गया है।

ईडी के मुताबिक यह मामला देहरादून के विजिलेंस थाने में दर्ज प्राथमिकी और इसके बाद दर्ज तीन अन्य प्राथमिकी के आधार पर चल रही जांच से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि वीपीडीओ परीक्षा की ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं को आयोग की सुरक्षित अभिरक्षा से निकालकर तत्कालीन सचिव के निजी आवास पर ले जाया गया था। वहां कम भरे गए ओएमआर प्रपत्रों के अनुक्रमांक नोट किए गए और उन्हें निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों तक पहुंचाया गया। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने बिचौलियों के माध्यम से अवैध भुगतान लेकर उत्तर पुस्तिकाओं में उत्तर के गोले भरने और उनमें बदलाव करने के बाद उन्हें दोबारा सील किया।

ईडी ने बताया कि इस मामले में 10 सितंबर को देहरादून में तत्कालीन आयोग अध्यक्ष और तत्कालीन सचिव के आवास के अलावा तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर प्रसंस्करण के लिए नियुक्त निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित साजिश से जुड़े बिचौलियों के परिसरों की भी तलाशी ली गई।

जांच के दायरे में चंदन सिंह जीना का आवास भी शामिल था। ईडी के अनुसार, जीना वर्तमान में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के निजी सहायक के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह 2014 से 2017 के दौरान मुख्यमंत्री के कार्यकाल में उनके विशेष कार्याधिकारी के रूप में भी काम कर चुके हैं।

ईडी के अनुसार, जीना के आवास की तलाशी के दौरान 32 लाख रुपये की बेहिसाबी भारतीय मुद्रा बरामद हुई। इसके अलावा करीब 200.5 ग्राम वजन के 13 सोने के सिक्के और सात सोने की चेन मिलीं। तलाशी में रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो एडिफाइस सहित विभिन्न ब्रांडों की 12 महंगी कलाई घड़ियां भी बरामद हुईं। इन घड़ियों में से कुछ का मूल्यांकन अभी अलग से किया जा रहा है।

जांच एजेंसी ने बताया कि तलाशी के दौरान चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों को धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज किया गया। इन खातों में कुल 52,16,312 रुपये की जमा राशि थी। जीना का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच की जाएगी।

ईडी के मुताबिक, जांच में जीना द्वारा बड़ी मात्रा में नकद खर्च किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन खर्चों के स्रोत का अब तक कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला है और बरामद संपत्तियों तथा नकद खर्च का संबंध उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से स्थापित नहीं हो पाया है। एजेंसी के अनुसार, जीना के आवास से जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का मौजूदा अनुमानित मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है। शेष 12 महंगी घड़ियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद यह राशि बढ़ सकती है।

ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान अन्य पूर्व यूकेएसएसएससी अधिकारियों और मामले से जुड़े लोगों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा कई पूर्व अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के परिसरों से अलग-अलग मात्रा में बेहिसाबी नकदी बरामद हुई है। कुछ परिसरों से सोने के आभूषण भी मिले हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, यूकेएसएसएससी की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और अवैध भुगतान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर