विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संत मार्गदर्शक मण्डल उपवेशन की बैठक में धर्म, संस्कृति व राष्ट्र को लेकर हुआ मंथन
हरिद्वार, 18 जून (हि.स.)। निष्काम सेवा ट्रस्ट में विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संत मार्गदर्शक मण्डल उपवेशन की दो दिवसीय बैठक गुरुवार को आध्यात्मिक वातावरण में प्रारम्भ हुई। भारतवर्ष के विविध पीठों, अखाड़ों, सम्प्रदायों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं के शीर्षस्थ संत-महात्माओं के सानिध्य में राष्ट्र जीवन के समक्ष उपस्थित समसामयिक चुनौतियों, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा लोककल्याण के विविध आयामों पर व्यापक चिंतन व मंथन हुआ।
बैठक के पहले दिन हिन्दू समाज के संगठन, सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन, गौसंरक्षण, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, सेवा कार्यों के विस्तार, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, युवा जागरण, धर्मांतरण की चुनौतियों, राष्ट्रीय एकात्मता तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। संतों एवं धर्माचार्यों ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में निहित है और धर्म, सेवा, संस्कार तथा समरसता के आधार पर ही राष्ट्र का वास्तविक उत्थान संभव है। सनातन धर्म केवल एक धार्मिक परम्परा नहीं अपितु संपूर्ण मानवता को शांति, सद्भाव, करुणा, सह-अस्तित्व और विश्वबंधुत्व का संदेश देने वाली जीवन-पद्धति है। अतः इसके संरक्षण, संवर्धन और विश्वव्यापी प्रसार हेतु संतो को अग्रणी भूमिका निभाानी होगी।
संत समाज ने विश्व हिन्दू परिषद द्वारा सेवा, संगठन एवं संस्कार के माध्यम से संचालित विविध आयामों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में संत शक्ति एवं सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयास ही राष्ट्रनिर्माण, लोकमंगल और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार बन सकते हैं।
बैठक में जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि, महानिर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विशोकानन्द भारती , ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती , अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मानन्, युगपुरुष स्वामी परमानन्द, निर्मल पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानदेव सिंह, साध्वी ऋतंभरा, युधिष्ठिर महाराज शदाणी दरबार, शांतिकुञ्ज हरिद्वार के प्रमुख डॉ. चिन्मय पण्ड्या, साध्वी पूर्णप्रज्ञा जी, गुजरात कर्णावती के देवलाचार्य-अविचलाचार्य महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज, मुम्बई से डॉ. भदन्त राहुल बोधि, महामण्डलेश्वर संतोषी माता, गोवा के पद्मनाभ पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मेशानन्द महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानन्द महाराज सहित अनेक प्रतिष्ठित संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों ने सहभागिता की।
विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं केन्द्रीय प्रबन्ध समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश चंद्र, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन मिलिंद परांडे, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक, प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला