तमकनाला में बेली ब्रिज बहने के बाद वैकल्पिक मार्ग बनाने का काम तेज
गोपेश्वर, 11 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के चमोली जिले के नीती घाटी में सोमवार शाम हुई भारी बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया। तेज बहाव की चपेट में ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर बना वैली ब्रिज बह गया। इससे नीती घाटी में वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। मंगलवार को मार्ग पर आवाजाही जल्द बहाल करने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने वैकल्पिक व्यवस्था पर काम तेज कर दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मंगलवार को जिलाधिकारी चमोली और गढ़वाल मंडल आयुक्त से स्थिति की जानकारी लेते हुए राहत-बचाव कार्यों, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कनेक्टिविटी बहाली के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों और अन्य उपलब्ध माध्यमों से ग्रामीणों तक जरूरी सामग्री पहुंचाई जाए। उन्होंने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही जल्द बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल काम करने को कहा।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने मंगलवार को मार्ग बहाली के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का काम शुरू कर दिया। तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी मोटर मार्ग तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के साथ राहत-बचाव और कनेक्टिविटी बहाली के कार्यों में तेजी लाकर जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जाए।
मौके पर विभागीय टीमें और मशीनरी तैनात हैं और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि अस्थायी मार्ग जल्द तैयार कर वाहनों की आवाजाही सुचारु की जा सके।
अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। मार्ग बहाली के लिए संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बनाया गया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से चमोली समेत प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बदलते मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने व आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार शाम नीती घाटी में हुई भारी बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया था। तेज बहाव में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज बह गया। हादसे में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना मिली। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।
तमक नाले में बढ़े जलप्रवाह के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से मुनादी कर लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल