(अपडेट) उत्तराखंड में आठ हेलीकॉप्टरों से युद्धस्तर पर रेस्क्यू, ऑडेन कोल के सभी 29 और कालिंदी पास के नौ ट्रेकर्स निकाले गए

 


देहरादून, 28 सितंबर (हि.स.)। उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में खराब मौसम के बीच फंसे ट्रेकर्स, पर्वतारोहियों और पोर्टर्स की सुरक्षित निकासी के लिए सोमवार को युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। आठ हेलीकॉप्टरों की मदद से ऑडेन कोल क्षेत्र के सभी 29 और कालिंदी पास क्षेत्र के नौ ट्रेकर्स समेत अब तक 38 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। शेष लोगों की निकासी के लिए अभियान जारी है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए थे। उनकी निकासी के लिए सोमवार सुबह छह बजे से आठ हेलीकॉप्टरों के जरिए अभियान शुरू किया गया। मौसम और हेलीकॉप्टर संचालन की परिस्थितियों के अनुसार रेस्क्यू रणनीति में लगातार बदलाव किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ऑडेन कोल क्षेत्र में फंसे सभी 29 ट्रेकर्स को सोमवार सुबह ही हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के बाद उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं, कालिंदी पास क्षेत्र से नौ ट्रेकर्स को हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया, जहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी की स्थिति सामान्य पाई गई।

धामी ने दिल्ली से ली अभियान की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दिल्ली से सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से फोन पर बात कर रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे प्रत्येक ट्रेकर की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक राज्य का अतिथि है। उन्होंने बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में फंसे पर्यटकों, ट्रेकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने तथा रेस्क्यू किए गए लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से सभी ट्रेकर्स के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने, उनकी लोकेशन और स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहने तथा मौसम विभाग के साथ समन्वय कर परिस्थितियों के अनुसार रेस्क्यू योजना में बदलाव करने को कहा। उन्होंने यूकाडा के माध्यम से पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर उपलब्ध रखने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव की निगरानी में अभियान

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सोमवार सुबह से रेस्क्यू अभियान की उच्चस्तरीय निगरानी कर रहे हैं। सचिव नागरिक उड्डयन विनय शंकर पाण्डेय के निर्देशन में यूकाडा के हेलीकॉप्टरों को अभियान में लगाया गया है। यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन भी अभियान का समन्वय कर रहे हैं।

जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य और अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा भी रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों और टीमों के साथ लगातार संपर्क में है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से अभियान की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ जुटीं

रेस्क्यू अभियान में सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और जिला प्रशासन की टीमें शामिल हैं। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय से दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक भी अभियान और प्रदेश में मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए शेष ट्रेकर्स की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम के अनुसार बदली जा रही रणनीति

सचिव आपदा प्रबंधन के अनुसार, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू अभियान की रणनीति लगातार बदली जा रही है। हेलीकॉप्टर संचालन की परिस्थितियों और मौसम के अनुरूप अभियान की कार्ययोजना में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि रेस्क्यू टीमों की सुरक्षा के साथ फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ या गंभीर स्थिति वाले ट्रेकर्स को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार ने कहा है कि शेष लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का अधिकतम उपयोग जारी रहेगा।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय