श्रीलंका के सिविल सर्वेंट प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ मुख्यालय का किया अध्ययन भ्रमण, आपदा प्रबंधन क्षमता की देखी बारिकियां

 


देहरादून, 01 जून (हि. स.)। केंद्र सरकार के नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) की ओर से आयोजित क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत श्रीलंका के 39 सदस्यीय सिविल सर्वेंट्स प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जौलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय का अध्ययन भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और आपदा प्रबंधन क्षमताओं का विस्तृत अवलोकन किया।

इस भ्रमण के दौरान कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने प्रतिनिधिमंडल को आपदा प्रबंधन की रणनीतियों, खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) तकनीकों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में संचालित राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी दी गई। साथ ही उत्तराखंड में एसडीआरएफ के विभिन्न आपदाओं के दौरान किए गए सफल रेस्क्यू अभियानों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निभाई गई भूमिका से भी अवगत कराया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ के आधुनिक प्रशिक्षण संसाधनों, पेशेवर दक्षता और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में विकसित प्रभावी कार्यप्रणाली की सराहना की। सदस्यों ने कहा कि आपदा के समय त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया, अत्याधुनिक उपकरणों के उपयोग और मानव जीवन की सुरक्षा के प्रति एसडीआरएफ की प्रतिबद्धता इसे एक अनुकरणीय संस्था बनाती है।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने यह भी कहा कि एसडीआरएफ का अनुभव और कार्यप्रणाली आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अन्य देशों के लिए भी उपयोगी एवं प्रेरणादायक साबित हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत इससे पूर्व भी श्रीलंका के दो प्रतिनिधिमंडल एसडीआरएफ मुख्यालय का भ्रमण कर इसकी कार्यशैली की प्रशंसा कर चुके हैं। इस अवसर पर डिप्टी कमांडेंट शुभांक रतूड़ी, इंस्पेक्टर ट्रेनिंग प्रमोद रावत, बिनय भूषण गढ़नायक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय