ऋषिकेश में सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग, पर्यटन व कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
ऋषिकेश, 06 अप्रैल (हि.स.)। ऋषिकेश स्थित गंगा बैराज पर सोमवार को सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग के साथ राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। एक निजी कंपनी की ओर से किए गए इस ट्रायल को तकनीकी रूप से सफल बताया गया है।
राज्य सरकार के अनुसार यह पहल प्रदेश में आधुनिक परिवहन सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में अहम कदम है। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को और अधिक सुगम बनाने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सी-प्लेन सेवा शुरू होने से चारधाम यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और अल्पकालिक यात्रा को बढ़ावा मिलेगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को कम समय में ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने में सुविधा होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है। सरकार की योजना के तहत भविष्य में इस सेवा का विस्तार टिहरी झील, नैनीताल झील समेत अन्य जलाशयों तक किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। यह ट्रायल राज्य में हवाई पर्यटन की संभावनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है और आने वाले समय में इस क्षेत्र में और पहल किए जाने की संभावना है।
यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि सी-प्लेन सेवा शुरू होने से राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष रूप से दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, जहां पारंपरिक परिवहन सुविधाएं सीमित हैं।
उन्होंने बताया कि सी-प्लेन के माध्यम से त्वरित एवं सुगम हवाई संपर्क स्थापित होने से ऐसे क्षेत्रों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह पहल राज्य के मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के निर्देशों के अनुरूप की गई है, जिसके तहत जलाशय में इस गतिविधि की अनुमति दी गई।
उल्लेखनीय है कि सी-प्लेन का परीक्षण आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, जिसके आधार पर भविष्य में नियमित संचालन की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि परीक्षण के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं और पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गतिविधि से विद्युत उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि सी-प्लेन संचालन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए यह सेवा उपयोगी साबित होगी।अजय कुमार सिंह ने पशुलोक बैराज की टीम की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने समर्पण और समन्वय के साथ कार्य करते हुए परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय