प्रधानमंत्री माेदी 14 अप्रैल काे राज्य में करेंगे 28वां दौरा, कई परियाेजनाओं का करेंगे लाेकार्पण
देहरादून, 12 अप्रैल (हि. स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के साथ ही टिहरी में एक हजार मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। यह प्रधानमंत्री का उत्तराखंड में 28वां और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में 18वां दौरा होगा। प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर प्रदेशभर में खासा उत्साह है। सरकार कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारियों में जुटी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी के दौरों के बाद प्रदेश में पर्यटन और तीर्थाटन को नया आयाम मिला है। आदि कैलाश और मुखबा जैसे स्थलों को भी नई पहचान मिली है, जिससे शीतकालीन और बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्री 14 अक्टूबर काे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। इस एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी बदलेगी और ढाई घंटे में सफर तय होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दाैरे काे लेकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से 'कर्म और मर्म' का रिश्ता है। उनके नेतृत्व में राज्य को 2 लाख करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात मिली है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाओं ने राज्य में कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की खासियतें
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगा। करीब 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे 11,963 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इसकी सबसे खास विशेषता 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जिससे वन्यजीवों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहने के लिए 200 मीटर लंबे दो एलिफेंट अंडरपास और छह एनिमल पास भी बनाए गए हैं।
एक्सप्रेस-वे पर डाटकाली के पास 370 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है। यह 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर है, जिसमें 2 रेलवे ओवरब्रिज, 10 बड़े पुल और 7 इंटरचेंज शामिल हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने के साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना बनेगी ऊर्जा का नया केंद्र
इसके अलावा प्रधानमंत्री माेदी टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। टिहरी का यह वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा। टीएचडीसी के विकसित यह परियोजना टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है और अतिरिक्त बिजली उत्पादन में अहम भूमिका निभाएगी। यह परियोजना ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर मानी जा रही है।
कब-कब उत्तराखंड आए प्रधानमंत्री मोदीप्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है। 11 सितंबर 2015 को ऋषिकेश स्थित दयानंद सरस्वती आश्रम से उनका पहला दौरा शुरू हुआ था। इसके बाद वे कई बार केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम और अन्य धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
-2015 से 2019 तक : -11 सितंबर 2015 – ऋषिकेश में दयानंद सरस्वती आश्रम पहुंचकर स्वामी दयानंद गिरी से मुलाकात की थी।
-27 दिसंबर 2016 – देहरादून में चारधाम सड़क परियोजना की नींव रखी।
-18 मार्च 2017 – देहरादून में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
-03 मई 2017 – केदारनाथ धाम की पहली यात्रा, कपाटोद्घाटन पर पूजा-अर्चना की।
-20 अक्टूबर 2017 – दूसरी बार केदारनाथ दर्शन।
-21 जून 2018 – देहरादून के एफआरआई में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता।
-07 अक्टूबर 2018 – देहरादून में डेस्टिनेशन इन्वेस्टर समिट को संबोधित किया।
-07 नवंबर 2018 – केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा, हर्षिल में जवानों संग दीवाली।
-14 फरवरी 2019 – जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढिकाला क्षेत्र का दौरा।
-18-19 मई 2019 – केदारनाथ में साधना, अगले दिन बद्रीनाथ धाम में दर्शन।
2021 के बाद (मुख्यमंत्री धामी का कार्यकाल):
-07 अक्टूबर 2021 – ऋषिकेश (स्थानीय हस्तशिल्प भेंट)
-05 नवंबर 2021 – केदारनाथ धाम (मंदिर प्रतिकृति भेंट)
-04 दिसंबर 2021 – देहरादून (शॉल, चंदन, इत्र, हर्बल उत्पाद)
-30 दिसंबर 2021 – हल्द्वानी (शॉल व हिमालय की तस्वीर)
-10 फरवरी 2022 – श्रीनगर (चुनावी जनसभा)
-11 फरवरी 2022 – अल्मोड़ा (चुनावी जनसभा)
-23 मार्च 2022 – देहरादून (शपथ ग्रहण समारोह)
-21 अक्टूबर 2022 – केदारनाथ-बद्रीनाथ-माणा दौरा
-12 अक्टूबर 2023 – पिथौरागढ़-जागेश्वर (आदि कैलाश क्षेत्र से जुड़ा दौरा)
-08 दिसंबर 2023 – देहरादून (हाउस ऑफ हिमालय उत्पाद)
-02 अप्रैल 2024 – रुद्रपुर (शंख भेंट)
-11 अप्रैल 2024 – ऋषिकेश (हुड़का वाद्य यंत्र भेंट)
-28 जनवरी 2025 – देहरादून (पुस्तक व अंगवस्त्र)
-06 मार्च 2025 – मुखबा (मां गंगा शीतकालीन प्रवास स्थल)
-11 सितंबर 2025 – देहरादून (आपदा प्रभावितों से मुलाकात)
-09 नवंबर 2025 – देहरादून (राज्य स्थापना रजत जयंती कार्यक्रम)
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय