(अपडेट) पीपलकोटी की टीएचडीसी टनल में मलबा-पानी भरने से 18-19 लोग फंसे, 16 का सुरक्षित रेस्क्यू
देहरादून, 13 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी के मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम मलबा और पानी भरने से करीब 18-19 लोगों के फंसे होने की सूचना से प्रशासन में सक्रियता बढ़ गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत-बचाव से जुड़ी एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव अभियान में अबतक 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष लोगों की तलाश और सुरक्षित निकासी के लिए अभियान लगातार जारी है।
प्रशासन के अनुसार घटना शाम करीब 7:05 बजे सामने आई। टनल में मलबा और पानी आने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और सीआईएसएफ की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। टनल के भीतर की परिस्थितियों को देखते हुए रेस्क्यू टीमों द्वारा उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों की मदद से फंसे लोगों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें भी राहत एवं बचाव अभियान में शामिल की गई हैं। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रही हैं। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं तथा टनल के भीतर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू टीमों और मौके पर मौजूद अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली तथा बचाव कार्यों को पूरी तत्परता और आपसी समन्वय के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने टनल में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी को प्राथमिकता देते हुए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा।
जिला प्रशासन के अनुसार, सुरक्षित बाहर निकाले गए 16 लोगों को चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया है। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल सुरक्षित निकाले गए लोगों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहते हुए घटनास्थल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन एवं विशेषज्ञ दल तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने जिलाधिकारी और आपदा सचिव से वार्ता कर रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने और युद्धस्तर पर बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान में जुट गई हैं। उन्होंने प्रभावित मार्ग पर आवागमन को जल्द सुचारु करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मदन कौशिक ने कहा कि इस कठिन समय में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा और सकुशल वापसी है। प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तत्परता एवं समन्वय के साथ राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं।उन्होंने मां गंगा से टनल में मौजूद सभी लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना भी की।सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि टनल में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से घटनाक्रम की लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन और विशेषज्ञ दल भी मौके पर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशासन की ओर से टनल के भीतर की परिस्थितियों का आकलन करते हुए रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय