मंत्री रेखा आर्य बोलीं- ऑडियो शत-प्रतिशत असली, आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की चुनौती
-घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं को आवाज उठानी चाहिए, पति के पहले से विवाहित होने की जानकारी शादी और बच्चे होने के बाद मिली थी
देहरादून, 17 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने शनिवार को दावा किया कि उनकी ओर से सार्वजनिक किया गया ऑडियो पूरी तरह असली है और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज है और उन्हें उत्तराखंड पुलिस की निष्पक्ष जांच पर भरोसा है।
कैबिनेट मंत्री आर्य आज अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत में अपने पति से जुड़े विवाद, सार्वजनिक किए गए ऑडियो और अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके पति के व्यवहार में बदलाव दिखाई देने के बाद उनके मन में सवाल उठने लगे थे कि ऐसा क्यों हो रहा है? इसके बाद पड़ताल करने पर संबंधित ऑडियो सामने आई। उन्होंने कहा कि ऑडियो सुनने के बाद उन्हें लगा कि यह मामला लोगों के सामने आना चाहिए, ताकि सभी को पता चल सके कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी के प्रति किस तरह की बातें कर रहा है।
मंत्री आर्य ने कहा कि उन्होंने अपने पति के साथ 22-23 साल के संबंधों में पूरी ईमानदारी और समर्पण से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। ऐसे में ऑडियो में कथित तौर पर उनके प्रति की गई टिप्पणियों और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए किसी अन्य व्यक्ति का समर्थन किए जाने की बात सामने आने पर उन्होंने इसे सार्वजनिक करने का निर्णय लिया।
उन्होंने गोल्ज्यू देवता की कसम लेते हुए दावा किया कि ऑडियो शत-प्रतिशत असली है और उसमें कोई बनावट या मिलावट नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें एआई का भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उन्होंने वीडियो के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि घरेलू हिंसा या किसी भी तरह के अत्याचार को चुपचाप सहन नहीं करना चाहिए। महिलाओं को पारिवारिक परिस्थितियों, सामाजिक प्रतिष्ठा और समाज की प्रतिक्रिया की चिंता छोड़कर अपने आत्मसम्मान और बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुकी हैं। इसके बावजूद इस मामले को सार्वजनिक करने पर उन्हें व्यक्तिगत टिप्पणियों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इन आशंकाओं को दरकिनार करते हुए अपनी बात रखने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि वह अपने पास समस्याएं लेकर आने वाली महिलाओं को भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की सलाह देती हैं। ऐसे में जब उन्हें स्वयं ऐसी परिस्थिति का सामना करना पड़ा तो उन्होंने भी निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जिस सरकार का वह हिस्सा हैं, वह महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं में कार्रवाई के पक्ष में है।
अपने वैवाहिक संबंधों का जिक्र करते हुए रेखा आर्य ने कहा कि विवाह के समय उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके पति पहले से विवाहित हैं। उनके अनुसार, शादी और बच्चे होने के बाद उन्हें इस बारे में पता चला। इसके बाद पारिवारिक स्तर पर समझाने-बुझाने की प्रक्रिया चली और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संबंध आगे जारी रखने का निर्णय लिया।
बिहार में हुई एक घटना के संबंध में उन्होंने कहा कि उस प्रकरण में उनके पति ने माफी मांग ली थी। उन्होंने कहा कि माफी स्वीकार करने के बाद उन्होंने उस विषय को आगे नहीं बढ़ाना उचित समझा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उस घटना के बाद उन्हें और उनकी बेटी को लेकर कई तरह की बातें कही गईं और उन्हें भी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
ऑडियो में उनके पति के पुत्र को लेकर कही गई बातों पर मंत्री ने कहा कि संबंधित व्यक्ति ही बेहतर बता सकता है कि उनके बीच संबंध कैसे हैं और क्या वे एक-दूसरे के दुश्मन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर उनकी ओर से कोई बातचीत नहीं हुई थी।
अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर रेखा आर्य ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन और आय से संबंधित विवरण सार्वजनिक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी राजनीतिक यात्रा वर्ष 2003 में जिला पंचायत सदस्य बनने के साथ शुरू हुई थी। उन्होंने वर्ष 2012, 2014 और 2022 के चुनावों के दौरान दिए गए विवरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी आय और अन्य जानकारियां सार्वजनिक क्षेत्र में हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनकी आय या संपत्ति को लेकर संदेह है तो नियमानुसार जांच कराई जा सकती है और उसके निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया और कहा कि जांच में गलत पाए जाने पर वह उसके अनुरूप परिणाम स्वीकार करने को तैयार हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि उनसे तहरीर वापस लेने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन वह अपनी शिकायत वापस नहीं लेंगी। उन्होंने सवाल किया कि शिकायत वापस लेने से क्या सभी आरोप समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस की निष्पक्ष जांच पर भरोसा है और जांच के जरिए तथ्यों को सामने आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने आए और महिलाओं ने उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने अपनी पार्टी के साथियों, राजनीतिक विरोधियों और आम जनता का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनके बारे में कोई संदेह है तो जांच कराई जा सकती है, क्योंकि उनके अनुसार उनकी ओर से कुछ भी छिपाया नहीं गया है।
मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच यह विवाद 15 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद चर्चा में आया। उन्होंने पति पर मारपीट, उत्पीड़न, धमकी और हत्या की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए। उन्होंने एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक की। इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को खारिज करते हुए ऑडियो को एआई से तैयार बताया और मंत्री की कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की। _________________
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद 15 अक्टूबर को
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय