आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में डोभाल ने तकनीकी दक्षता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का आह्वान
राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ जीवन में आगे बढ़ें : डोभाल
रुड़की,19 सितंबर (हि.स.)। आईआईटी रुड़की के दो दिवसीय वार्षिक दीक्षांत समारोह 2026 का शनिवार को शुभारंभ हुआ। समारोह के पहले दिन मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल ने विद्यार्थियों से अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग देश के विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए करने का आह्वान किया। संस्थान के अनुसार इस वर्ष कुल 2,701 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों को संबोधित करते हुए एनएसए अजीत डोभाल ने आईआईटी रुड़की के गौरवशाली इतिहास और वैश्विक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की के स्नातकों ने न केवल भारत में बल्कि विश्वपटल पर अपनी उत्कृष्ट क्षमताओं और सेवाओं का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा इस स्थान के पूर्व छात्रों ने वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। आज भी आईआईटी रुड़की की साख पूरी दुनिया में स्थापित है।
डोभाल ने पास-आउट हो रहे युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग केवल व्यक्तिगत करियर तक सीमित न रखें, बल्कि देश के विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक कल्याण में लगाएं। उन्होंने छात्रों को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
समारोह में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला और भविष्य की चुनौतियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने संस्थान की हालिया उपलब्धियों, शोध कार्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संस्थान लगातार नवाचार और अनुसंधान में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी 2,701 विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। पहले दिन स्नातक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। डिग्री मिलते ही छात्रों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
दो दिवसीय समारोह के दूसरे दिन स्नातकोत्तर और पीएचडी शोधार्थियों को उपाधियां दी जाएंगी, जिसमें हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ हर्षवर्धन चितले मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र शेट, आईआईटी प्रबंधन, प्रोफेसर, छात्र और अभिभावक मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला