चमोली में हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद युद्धस्तर पर बचाव अभियान, मुख्यमंत्री धामी कर रहे निगरानी
देहरादून, 30 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा आ रहा ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने व्यापक राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी से हेलीकॉप्टर के संबंध में सूचना मिली थी। सेना के सिग्नल सेंटर की टीम ने जोशीमठ के हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठते और उसे तेजी से नीचे की ओर जाते हुए देखा था। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल बचाव दलों को सक्रिय कर दिया।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के दो हेलीकॉप्टर से घटनास्थल की हवाई रेकी की जा रही है। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सहस्त्रधारा से एसडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम भी रवाना की गई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार हेलीकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा पांच यात्री प्राथपा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के और एचएस नटराज सवार थे।
यूकाडा के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन के हेलीकॉप्टर ने शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुंचने के बाद हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। उसका ट्रैकिंग सिस्टम भी काम करना बंद कर गया, जिसके चलते उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा था।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, गृह सचिव शैलेश बगोली और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ भी बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से जिला प्रशासन और विभिन्न बचाव एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। संभावित घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश, बेस अस्पताल श्रीनगर और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। चिकित्सा दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय