(अपडेट) तकनीकी खराबी के चलते हेलिकाप्टर ने नवागांव में की इमरजेंसी लैंडिंग
-इमरजेंसी लैंडिग के बाद महिला पायलट सहित सवार सभी 6 लोग सुरक्षित
नई टिहरी/थत्यूड़, 20 मई (हि. स.)। जनपद के जौनपुर ब्लाक के तहत चम्बा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर उड़ान के दौरान आज बुधवार सुबहट्रांस भारत एविएशन कंपनी के एक चार्टर हेलीकाप्टर को तकनीकी समस्या उत्पन्न होने पर सत्यों-सकलाना क्षेत्र के नवागांव के खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। हेलीकाप्टर में पायलट सहित कुल 6 यात्री सवार थे, जो सभी सुरक्षित हैं।
एडीएम शैलेंद्र नेगी के अनुसार हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ धाम से देहरादून की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से को क्षति पहुंची। एडीएम ने ट्रांस एविएशन कंपनी के सीईओ सिद्धार्थ एवं कंपनी प्रतिनिधि सुधीर गुलाटी से वार्ता कर घटना की जानकारी प्राप्त की। जिसके आधार पर बताया कि चारधाम यात्रा रूट पर संचालित हेलीकाप्टर जनपद टिहरी गढ़वाल के जौनपुर क्षेत्र अंतर्गत नवागांव-सत्यों के ऊपर से गुजर रहा था। इसी दौरान हवा एवं अधिक प्रेशर के कारण हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर हाई टेंशन लाइन के समीप पहुंच गया था। जिससे हेलिकाप्टर का पिछला कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ, किन्तु पायलट अनुपमा चौधरी ने सूझबूझ एवं सतर्कता का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित रूप से सत्यों-सकलाना क्षेत्र के खेतों में उतार दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से पूरी तरह से टल गया। घटना में पायलट सहित सभी यात्री पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। प्रशासन द्वारा तत्काल सभी यात्रियों को टैक्सी वाहनों के माध्यम से सुरक्षित देहरादून भेज दिया गया है।
एडीएम ने बताया कि प्रशासन लगातार ट्रांस एविएशन कंपनी के संपर्क में है। हेलीकॉप्टर के रखरखाव एवं तकनीकी निरीक्षण के लिए कंपनी की मेंटेनेंस टीम को मौके पर बुलाया गया है। जबकि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची तथा सुरक्षा एवं राहत कार्य प्रारम्भ किया गया। क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्राथमिक जांच में सभी यात्री सुरक्षित पाए गए हैं। इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हेलिकाप्टर में पायलट अनुपमा चौधरी सहित सभी पंजाबी बाग दिल्ली निवासी यात्रियों में साहिल सुरी, राज सुरी, भूमि सुरी, पारथ, हिमांशी पटेल व निवका आदि मौजूद थे।
सत्यों-सकलाना क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल का कहना है कि चारधाम यात्रा के लिए निरंतर चलाई जा रही हेलीसेवा से पर्यावरण नुकसान पहाड़ों को होता है। जिसका आंकलन नहीं किया जाता है। इसके साथ ही हेलीसेवा में लगे हेलिकाप्टरों की नियमित तकनीकी जांच को भी कहीं न कहीं नजर अंदाज किया जा रहा है। जिस पर कड़ी निगरानी की जरूरत है, क्योंकि इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान मौके पर काम कर रहे स्थानीय लोगों को खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
पहले भी सकलाना क्षेत्र में हुई है इमरजेंसी लैंडिंग
पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल ने बताया कि 2017 में सकलाना क्षेत्र के मंजगांव में एक हेलिकाप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। उस दौरान हेलिकाप्टर में सिंगल पायलट मौजूद था। उस दौरान भी ईश्वर की कृपा से बड़ा हादसा होने से टल गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय