बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण : निजी सहायक निलंबित, शासन ने भी बनाई उच्चस्तरीय जांच समिति
देहरादून/चमोली, 07 जुलाई (हि.स.)। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे एवं दान में अनियमितताओं के मामले में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
बीकेटीसी की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रमोद नौटियाल को तीन जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने और जांच प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उन्हें निलंबित कर ज्योतिर्मठ स्थित बीकेटीसी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता मिलेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
इस बीच शासन ने मंगलवार काे मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की गहन जांच के लिए गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति में एनएचएम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य बनाए गए हैं।
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल की ओर से जारी आदेश के अनुसार समिति बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और संस्तुतियां शासन को सौंपेगी। समिति आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों का सहयोग भी ले सकेगी तथा दान-चढ़ावा प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के संबंध में सुझाव भी देगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि शिकायत सामने आते ही संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया और जांच समिति गठित की गई। उन्होंने कहा कि समिति श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान के चढ़ावे की पवित्रता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार या अनियमितता के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर विभागीय और विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि जांच समिति ने आरोपित कर्मचारी के स्पष्टीकरण का परीक्षण किया, जिसे प्रथम दृष्टया संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद जांच पूरी होने तक प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर बीकेटीसी के ज्योतिर्मठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें, क्योंकि समिति पूरे मामले की पारदर्शी ढंग से जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि दो जुलाई से बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीकेटीसी ने तीन जुलाई को मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय