बदरीनाथ-केदारनाथ धामों के क्यूआर कोड विवाद की एसआईटी जांच की मांग, शासन ने मांगी रिपोर्ट
देहरादून, 04 नवंबर (हि.स.)। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वर्ष 2023 में श्रद्धालुओं से क्यूआर कोड के माध्यम से दान देने की अपील से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। प्रदेश शासन ने इस मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय की शिकायत का संज्ञान लेते हुए चमोली और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। अजेंद्र ने प्रकरण की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की है।
शासन के पर्यटन विभाग की अनु सचिव सोनिया भारती ने दोनों जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अजेंद्र अजय ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूरे मामले की नए सिरे से जांच कराने का अनुरोध किया है।
अजेंद्र अजय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि वर्ष 2023 में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान मंदिर परिसरों में कुछ बोर्ड लगाए गए थे। इन पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर श्रद्धालुओं से दान देने की अपील की जा रही थी। मामला मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आने के बाद उन्होंने बीकेटीसी के तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में इसकी जांच कराई थी। शुरुआती जांच में संबंधित अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार किया था।
उन्होंने बताया कि उनके निर्देश पर बीकेटीसी के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी ने बदरीनाथ कोतवाली में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, अजेंद्र ने आरोप लगाया है कि मामले की पुलिस जांच में गंभीरता नहीं बरती गई और जिम्मेदार अधिकारियों की कथित मिलीभगत से प्रकरण को उचित तरीके से नहीं जांचा गया।
उनके अनुसार, पुलिस ने जांच में कोई अनियमितता नहीं मिलने का उल्लेख करते हुए न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान बीकेटीसी का कोई अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, जोशीमठ ने वादी पक्ष की अनुपस्थिति का उल्लेख करते हुए पुलिस की अंतिम रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी।
अजेंद्र ने शासन को भेजे पत्र के साथ संबंधित दस्तावेज और तथ्य संलग्न करते हुए पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की है। शासन की ओर से जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब इस मामले में आगे की कार्रवाई उनकी आख्या के आधार पर तय होने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय