बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार

 


गोपेश्वर, 17 जुलाई (हि.स.)। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। 30 जून को सेवानिवृत्त हुए चौहान से चार घंटे की पूछताछ के बाद शुक्रवार को गिरफ्तारी की गई। उन्हें शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पुलिस के अनुसार, एसआईटी ने शुक्रवार को बदरीनाथ में चौहान से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद दोपहर लगभग तीन बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले गुरुवार सुबह एसआईटी ने बदरीनाथ मंदिर के कंट्रोल रूम से पिछले माह की सीसीटीवी हार्ड डिस्क, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण कब्जे में लेकर उनकी जांच कराई थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 22, 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज में गणना कक्ष के भीतर नगदी की कथित हेराफेरी करते हुए राजेंद्र चौहान दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर उनसे पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपित से बदरीनाथ में ही आगे भी पूछताछ की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष के निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह वर्तमान में जिला कारागार पुरसाड़ी में न्यायिक अभिरक्षा में हैं।

इधर, चढ़ावा और दान में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान चढ़ावे के रखरखाव से जुड़े रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने पर बीकेटीसी ने खजांची को उस पद से हटाकर अन्यत्र तैनात कर दिया था। साथ ही बीकेटीसी की जांच समिति ने गुरुवार को अपनी 18 पृष्ठों की रिपोर्ट भी सौंपी, जिसमें चढ़ावे की गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करने, गणना केंद्र और मंदिर परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, निगरानी व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने और श्रद्धालुओं की भागीदारी के लिए स्पष्ट प्रक्रिया तय करने सहित कई सुझाव दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल