बदरीनाथ धाम यात्रा : 7 अप्रैल को ऋषिकेश पहुंचेगी गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा

 


- बदरीधाम के 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे कपाट- कई पड़ावों के बाद 22 को धाम पहुंचेगी गाडू घड़ा कलश यात्रा

ऋषिकेश, 05 अप्रैल (हि. स.)। बदरीनाथ धाम यात्रा शुरू होने से पहले गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा 7 अप्रैल को नरेन्द्र नगर राजदरबार से प्रारंभ होकर रात्रि विश्राम के लिए ऋषिकेश पहुंचेगी। यह गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।

मंदिर समिति के अनुसार, 7 अप्रैल की रात्रि को यात्रा रेलवे रोड स्थित चेला चेतराम धर्मशाला में ठहरेगी। 8 अप्रैल की सुबह श्रद्धालु गाडू घड़ा तेल कलश के दर्शन कर सकेंगे। पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण के बाद यात्रा लक्ष्मण झूला होते हुए श्रीनगर गढ़वाल के लिए रवाना होगी। इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी उपस्थित रहेंगे।

यात्रा का शुभारंभ नरेंद्र नगर राजदरबार से महाराजा मनुजयेंद्र शाह करेंगे। राजमहल में महारानी मालाराज्य लक्ष्मी शाह सहित सुहागिन महिलाएं पारंपरिक विधि से तिलों का तेल तैयार कर कलश डिमरी पंचायत को सौंपेंगी। तेल कलश को कुछ समय के लिए डिमरी तीर्थ पुरोहितों के मूल गांव डिम्मर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में रखा जाएगा, जहां नियमित पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए आगे बढ़ेगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 19 अप्रैल को तेल कलश यात्रा पाखी गांव, 20 अप्रैल को नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ और रविग्राम, 21 अप्रैल को पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम करेगी। 22 अप्रैल की शाम तक यात्रा श्री बदरीनाथ धाम पहुंच जाएगी। इसके पश्चात 23 अप्रैल को प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधि-विधान के साथ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर मंदिर समिति एवं डिमरी पंचायत के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय