मानव तस्करी पर छह राज्यों की पुलिस ने बनाई साझा रणनीति

 




- हरिद्वार पुलिस ने दो मामलों की केस स्टडी साझा की, अपहृत बालिका और चार माह का शिशु सकुशल बरामद

पंतनगर, 9 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड पुलिस ने मानव तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई, पीड़ितों के सुरक्षित बचाव और पुनर्वास के लिए छह राज्यों के पुलिस अधिकारियों और विभिन्न एजेंसियों के साथ साझा रणनीति पर मंथन किया। पंतनगर के गांधी हॉल ऑडिटोरियम में शुक्रवार को आयोजित राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन में उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुल 134 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन में पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों, सरकारी विभागों, अभियोजन अधिकारियों, बाल कल्याण समितियों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मानव तस्करी के बदलते तौर-तरीकों, अपराधियों के नेटवर्क की पहचान और उनके खिलाफ समन्वित कार्रवाई के उपायों पर चर्चा की।

अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि मानव तस्करी जैसे संगठित अपराध से निपटने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने, कानूनी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और पीड़ितों के पुनर्वास पर विशेष जोर दिया।

सम्मेलन में हरिद्वार पुलिस ने दो महत्वपूर्ण मामलों की केस स्टडी साझा की। एक मामले में 13 वर्षीय अपहृत बालिका को बिहार से सकुशल बरामद कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे मामले में अपहृत चार माह के शिशु को सुरक्षित बरामद किया गया। इन मामलों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, त्वरित जांच और अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विशेषज्ञों ने मानव तस्करी के मामलों में साक्ष्य आधारित विवेचना, आधुनिक जांच तकनीकों, प्रभावी अभियोजन और पीड़ितों की समयबद्ध पहचान पर सुझाव दिए। साथ ही बचाव के बाद पीड़ितों को सुरक्षित वातावरण, कानूनी सहायता और सामाजिक पुनर्वास उपलब्ध कराने की आवश्यकता रेखांकित की गई।

सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई केवल आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अपराधियों के नेटवर्क, उनकी कार्यप्रणाली और अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान आवश्यक बताया गया।

समापन सत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय