श्मशान में शवों से छेड़छाड़ : अघोर साधना के नाम पर सनातन को बदनाम करने की साजिश : श्रीमहंत हरिगिरि

 


हरिद्वार, 01 सितंबर (हि.स.)। उज्जैन के श्मशान घाट में शवों के साथ छेड़छाड़ और मांस भक्षण के वायरल वीडियो के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के हस्तक्षेप के बाद जीवाजीगंज थाने में कथित किन्नर अघोर तांत्रिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति अघोरी वेश में श्मशान में शवों के साथ आपत्तिजनक कृत्य करता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आते ही संत समाज में आक्रोश फैल गया।

जूना अखाड़ा के प्रवक्ता गोपाल रावत ने मंगलवार को हरिद्वार में हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

अपने पत्र में महंत हरि गिरी महाराज ने स्पष्ट कहा कि, कथित तांत्रिक द्वारा किया गया यह कृत्य सनातन परंपरा का घोर अपमान है। वास्तविक साधु-संत अघोर साधना में भी कभी इस प्रकार का घृणित कृत्य नहीं करते हैं। अघोर साधना एक कठोर तपस्या है, उसका मांस भक्षण या शवों से छेड़छाड़ से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने आरोपित को मानसिक रूप से विकृत बताते हुए कहा कि साधु-संतों का नाम और भेष बनाकर ऐसे कृत्य करने वाले लोग पूरे समाज और सनातन धर्म के लिए एक कलंक हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होना अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई भी सनातन धर्म को बदनाम करने का दुस्साहस न कर सके।

इस मामले में मंगलवार सुबह अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने हरिद्वार से उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा से फोन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि साधु-संतों का भेष बनाकर इस प्रकार के कृत्य करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर भी चोट है।

गोपाल रावत ने बताया कि अखाड़ा परिषद की शिकायत और संतों की मांग के बाद उज्जैन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। मंगलवार शाम को एसपी प्रदीप शर्मा ने डॉ. रविंद्र पुरी महाराज को अवगत कराया कि जीवाजीगंज थाने में आरोपित कथित किन्नर अघोर तांत्रिक काली उर्फ नंदगिरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब वीडियो की सत्यता और आरोपी की पहचान की जांच कर रही है।

अखाड़ा परिषद ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है। इसे सनातन धर्म की रक्षा के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला