जितेंद्र सिंह ने की उझ बहुउद्देशीय परियोजना की समीक्षा, 90 हजार हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई लाभ
नई दिल्ली, 02 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में प्रस्तावित उझ बहुउद्देशीय परियोजना की स्थिति और चरणबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा की। यह परियोजना लगभग 90 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी और कठुआ जिले को पेयजल उपलब्ध कराएगी। साथ ही पंजाब के पठानकोट और गुरदासपुर जिलों को भी सिंचाई लाभ मिलेगा। परियोजना से 186 से 212 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।
केंद्रीय विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, बैठक में वॉप्कॉस लिमिटेड के अधिकारियों ने जानकारी दी कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की शेष प्रक्रिया के साथ ही कार्य प्रारंभ होगा। मंत्री ने एजेंसी को गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता बनाए रखते हुए नवाचारपूर्ण समाधान अपनाने की सलाह दी।
डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लंबे समय से लंबित राष्ट्रीय परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उझ परियोजना लगभग एक सदी पहले सोची गई थी लेकिन दशकों तक ठप रही। शाहपुरकंडी परियोजना भी चार दशक तक लंबित रही थी। इन परियोजनाओं के विलंब से रावी नदी का जल पाकिस्तान की ओर बहता रहा।
उन्होंने कहा कि 2019 में शाहपुरकंडी परियोजना का पुनरुद्धार हुआ जो अब लगभग पूर्ण है। 2026 में उझ परियोजना का पुनरुद्धार सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि भारत के जल संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग कर लोगों को वास्तविक लाभ पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना रावी नदी की सहायक उझ नदी पर स्थित है और इससे सीमा क्षेत्र में जल प्रवाह को नियंत्रित करने तथा संभावित घुसपैठ मार्गों को रोकने में मदद मिलेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर