साइबर सुरक्षा और फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए यूआईडीएआई और एनएफएसयू के बीच समझौता

 


नई दिल्ली, 05 मई (हि.स.)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) ने डिजिटल फोरेंसिक तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में पांच वर्षीय सहयोग स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार समझौता भारत के डिजिटल पहचान पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किया गया है। यह रणनीतिक साझेदारी मुख्य रूप से छह क्षेत्रों में संरचित की गई है, जो यूआईडीएआई के बुनियादी ढांचे को साइबर खतरों से बचाने में मदद करेगी। इनमें शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास, सूचना सुरक्षा और प्रणाली अखंडता, फोरेंसिक अवसंरचना, तकनीकी सहायता, उन्नत अनुसंधान (एआई, ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन) और एनएफएसयू के छात्रों के लिए प्लेसमेंट और प्रशिक्षण के अवसर शामिल हैं।

इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विवेक चंद्र वर्मा और एनएफएसयू गुजरात कैंपस के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) एस.ओ. जुनारे के बीच हुआ। इस अवसर पर यूआईडीएआई के उप महानिदेशक अभिषेक कुमार सिंह सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विवेक चंद्र वर्मा ने कहा, यह सहयोग भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सहारा देने वाली सुरक्षा और फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश की डिजिटल पहचान प्रणालियों के लिए सुरक्षा के अतिरिक्त घेरे सुनिश्चित होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी