मध्य प्रदेश के रीवा जिले में 10 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

 


- मऊगंज ड्रग्स फैक्टरी और अंतरराज्यीय गिरोह से कनेक्शन की जा रही जांच

भोपाल/रीवा, 07 जुलाई (हि.स.) । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस ने मंगलवार को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई का खुलासा किया है। पुलिस ने करीब 3.087 किलोग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।

रीवा पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने बताया कि यह बड़ी कामयाबी सोमवार 6 जुलाई को मिली। पुलिस को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सोनवर्षा के रहने वाले दो युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर भारी मात्रा में घातक एमडी ड्रग्स बेचने के इरादे से निकलने वाले हैं। सूचना मिलते ही गढ़ थाना पुलिस ने तत्काल इलाके में नाकेबंदी की और संदिग्ध मोटरसाइकिल के आते ही घेराबंदी कर दोनों आरोपितों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों में मंडप सिंह (23 वर्ष) और ज्ञानभूषण शर्मा (27 वर्ष) निवासी ग्राम सोनवर्षा शामिल हैं।

तलाशी में मिला 3 किलो से ज्यादा ड्रग्स

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जब दोनों तस्करों की मौके पर तलाशी ली, तो उनके पास से कुल 3,087 ग्राम (3.087 किलो) एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसे जप्त कर लिया गया है। इसके साथ ही तस्करों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पकड़े गए दोनों आरोपितों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं। हालांकि, इतनी महंगी और घातक एमडी ड्रग्स के साथ उनकी यह पहली गिरफ्तारी है।

मऊगंज की ड्रग्स फैक्टरी से कनेक्शन की जांच

इस मामले के तार दो दिन पहले ही रीवा संभाग के मऊगंज में पकड़ी गई एक अवैध ड्रग्स फैक्टरी से जोड़कर देखे जा रहे हैं। रविवार रात मऊगंज पुलिस ने शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में एक सुनसान मकान पर छापा मारकर एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्टरी पकड़ी थी। वहां से भारी मात्रा में केमिकल, एसिड और ड्रग्स बनाने के उपकरण बरामद हुए थे, जिसमें मुख्य आरोपित चंदन सिंह समेत चार लोग पीकचंद्र यादव, अशोक गुप्ता और ऋषभ सेन 72 घंटे की पुलिस रिमांड पर हैं। आरोपितों ने मऊगंज की फैक्टरी से तैयार ड्रग्स की खेप को मुंबई जैसे बड़े महानगरों तक सप्लाई किए जाने की बात कबूली गई थी।

पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में 10 करोड़ की ड्रग्स का रीवा में मिलना किसी बड़े अंतरराज्यीय रैकेट की ओर इशारा करता है। फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल फोन के कॉल डेटा रिकॉर्ड खंगाल रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत